भारत समर्थक आवाज बनीं निशाना? कनाडा में नैन्सी ग्रेवाल के कत्ल पर खालिस्तानियों पर शक

नई दिल्ली कनाडा में पंजाबी मूल की मशहूर यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल का कत्ल हो गया है। नैन्सी को कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो और खालिस्तानियों के आलोचक के तौर पर देखा जाता था। उनकी कनाडा की लासेल में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि कनाडा के विंडसर में रहने वाली नैन्सी का कत्ल मंगलवार की रात को किया गया। पुलिस ने बताया कि नैन्सी को रात 9:30 बजे के करीब घायल अवस्था में पाया गया। वह खून से लथपथ मिली थीं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी अत्यधिक खून बहने के कारण

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Published On :

मार्च 5, 2026

नई दिल्ली
कनाडा में पंजाबी मूल की मशहूर यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल का कत्ल हो गया है। नैन्सी को कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिस ट्रूडो और खालिस्तानियों के आलोचक के तौर पर देखा जाता था। उनकी कनाडा की लासेल में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि कनाडा के विंडसर में रहने वाली नैन्सी का कत्ल मंगलवार की रात को किया गया। पुलिस ने बताया कि नैन्सी को रात 9:30 बजे के करीब घायल अवस्था में पाया गया। वह खून से लथपथ मिली थीं। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी अत्यधिक खून बहने के कारण मौत हो गई। वह सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियों के लिए जानी जाती थीं। इस हत्याकांड में खालिस्तानियों को भी संदेह से देखा जा रहा है।

भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव पैदा होने के दौरान उन्होंने खुलकर तीखी टिप्पणियां की थीं। अकसर वह कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो और खालिस्तानियों की निंदा करती थीं। उन्होंने कई बार पंजाब के कुछ धार्मिक और राजनीतिक नेताओं की आलोचना की थी। उनकी हत्या को इससे भी जोड़कर देखा जा रहा है। अब तक पुलिस ने इस मामले में किसी को हिरासत में नहीं लिया है और ना ही किसी पर संदेह जाहिर किया है। इस मामले की जांच तेज करते हुए पुलिस ने नैन्सी के घर और उसके आसपास के इलाके की घेराबंदी की है। सबूतों को सुरक्षित करके रखा गया है। फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

इसी इलाके में दो सप्ताह पहले भी एक शख्स की हत्या हुई थी। इस घटना ने एक बार फिर से कनाडा की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। बता दें कि कनाडा में लंबे समय से खालिस्तानी तत्व ऐक्टिव रहे हैं। इन्हीं को लेकर भारत और कनाडा के रिश्तों में भी तनाव आ गया था। हालांकि जब जस्टिन ट्रूडो की सत्ता से विदाई हुई और नया नेतृ्त्व आया तो चीजें बदल गई हैं। फिलहाल पुलिस आसपास के घरों की फुटेज तलाश रही है। पुलिस को लगता है कि नैन्सी के घर कौन-कौन गया था। उनके बारे में पता चल जाए तो आगे जांच में काफी मदद मिल जाएगी।

खालिस्तानी सरगना गुरपतवंत सिंह पर भी खुलकर बोलती थीं हमला
खालिस्तानी सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू पर भी तीखा हमला वह अकसर बोलती थीं। ग्रेवाल की परवरिश हरियाणा के सिरसा में हुई थी और वह लंबे समय से कनाडा में बसी हुई थीं। सिरसा के ही सतलुज पब्लिक स्कूल से पढ़ीं और फिर कॉलेज का रुख करने वालीं ग्रेवाल अपनी मुखरता के लिए जानी जाती थीं। कनाडा में खालिस्तान का विरोध करने वाले लोगों की वह आवाज बन गई थीं। नैन्सी ग्रेवाल अकसर महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर राय रखती थीं और कभी भी खालिस्तानी तत्वों की धमकियों के आगे झुकीं नहीं।

 

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