धार्मिक अपमान पर कड़ी सजा की तैयारी: पंजाब में उम्रकैद और भारी जुर्माने वाला कानून जल्द

चंडीगढ़. पंजाब कैबिनेट ने 'श्री जगतगुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) विधेयक’ 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसे 13 अप्रैल को बुलाए जा रहे विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को सुनिश्चित करना और बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई को लागू करना है। नए संशोधन के तहत सजा के प्रावधानों को काफी सख्त किया गया है। अब ऐसे मामलों में कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) का प्रावधान रखा गया है।

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Published On :

अप्रैल 12, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब कैबिनेट ने 'श्री जगतगुरु ग्रंथ साहिब जी सत्कार (संशोधन) विधेयक’ 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसे 13 अप्रैल को बुलाए जा रहे विधानसभा के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों के सम्मान को सुनिश्चित करना और बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई को लागू करना है।

नए संशोधन के तहत सजा के प्रावधानों को काफी सख्त किया गया है। अब ऐसे मामलों में कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद (लाइफ इम्प्रिजनमेंट) का प्रावधान रखा गया है। इसके साथ ही आर्थिक दंड को भी बढ़ाया गया है, जिसमें न्यूनतम 5 लाख रुपये और अधिकतम 25 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि इन मामलों की जांच को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए डीएसपी (डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) स्तर के अधिकारी से कम रैंक का कोई भी अधिकारी जांच नहीं करेगा। साथ ही आरोपित द्वारा मानसिक अस्थिरता का हवाला देकर बचने की कोशिशों को भी सख्ती से परखा जाएगा। इसके अलावा, कानून में परिभाषाओं को स्पष्ट किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी अस्पष्टता न रहे।

गांवों के विकास को लेकर फैसला
इसके बाद कैबिनेट ने गांवों के विकास को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। राज्य के 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत औसतन हर गांव में कम से कम 27 स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट में खर्च की हिस्सेदारी को भी बदला गया है। पहले जहां 70 प्रतिशत खर्च ग्राम पंचायतों द्वारा और 30 प्रतिशत सरकार द्वारा वहन किया जाता था, अब इसे उलट कर 70 प्रतिशत खर्च पंजाब सरकार और 30 प्रतिशत ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। इस योजना पर करीब 380 करोड़ रुपये राज्य सरकार और लगभग 170 करोड़ रुपये पंचायतों द्वारा खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रोशनी बढ़ेगी, सुरक्षा बेहतर होगी और छोटे-मोटे अपराधों पर भी अंकुश लगेगा।

खेलों के क्षेत्र में अहम निर्णय
खेलों के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है। पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का मौका मिलेगा। इसके लिए हॉकी इंडिया के साथ करीब 11 करोड़ रुपये का एग्रीमेंट किया जाएगा, जबकि पूरे आयोजन के लिए लगभग 35.40 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जालंधर के प्रमुख हॉकी मैदानों में आयोजित किया जाएगा, जहां भारत सहित एशिया की शीर्ष टीमें भाग लेंगी। सरकार का मानना है कि इससे पंजाब की खेल विरासत को नई पहचान मिलेगी और युवाओं को हॉकी की ओर प्रेरणा मिलेगी। कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले कानून व्यवस्था को मजबूत करने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुधारने और खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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