ईरान को ‘पाषाण युग’ में भेजने की तैयारी, अमेरिका ने खाली किए अपने मिसाइल भंडार, नर्क का द्वार खुलने की चेतावनी

वॉशिंगटन  ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के अगले चरण मे JASSM-ER क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन मिसाइलों की युद्धक्षेत्र में तैनाती चल रही है। इन मिसाइलों को उन भंडारों से निकाला जा रहा है जिन्हें दूसरे क्षेत्रों के लिए रखे गए थे। इन मिसाइलों की तैनाती उस वक्त हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और युद्धविराम पर सहमति नहीं बनने पर 'पाषाण युग' में पहुंचाने की धमकी दी है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका को 'नर्क का दरवाजा' खोलने की धमकी दी है। इस मामले की

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Published On :

अप्रैल 5, 2026

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वॉशिंगटन
 ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के अगले चरण मे JASSM-ER क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन मिसाइलों की युद्धक्षेत्र में तैनाती चल रही है। इन मिसाइलों को उन भंडारों से निकाला जा रहा है जिन्हें दूसरे क्षेत्रों के लिए रखे गए थे। इन मिसाइलों की तैनाती उस वक्त हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और युद्धविराम पर सहमति नहीं बनने पर 'पाषाण युग' में पहुंचाने की धमकी दी है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए अमेरिका को 'नर्क का दरवाजा' खोलने की धमकी दी है।

इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले एक अधिकारी के हवाले से एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्रशांत क्षेत्र के भंडारों से 1.5 मिलियन डॉलर की इस मिसाइल को निकालने का आदेश मार्च के आखिर में जारी किया गया था। उस व्यक्ति ने बताया कि अमेरिका के अन्य ठिकानों (जिनमें मुख्य अमेरिकी भूभाग भी शामिल है) पर मौजूद मिसाइलों को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ठिकानों या UK के फेयरफोर्ड में भेजा जाएगा। संवेदनशील जानकारियों पर चर्चा करने के लिए उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

ईरान के खिलाफ अमेरिका की सबसे घातक मिसाइल
हालांकि अमेरिका के सामने दिक्कत ये है कि भंडार से इन मिसाइलों के निकाले जाने के बाद युद्ध से पहले के 2300 मिसाइलों के भंडार में से बाकी दुनिया के लिए सिर्फ 425 JASSM-ER मिसाइलें ही उपलब्ध रह जाएंगी। यह संख्या लगभग 17 B-1B बमवर्षक विमानों के एक ही मिशन के लिए काफी होगी। इसके अलावा लगभग 75 अन्य मिसाइलें क्षतिग्रस्त होने या तकनीकी खराबी के कारण "इस्तेमाल के लायक नहीं" हैं।

JASSM-ER, जिसका पूरा नाम 'जॉइंट एयर-टू-सरफेस मिसाइल-एक्सटेंडेड रेंज' है उसकी रेंज 600 किलोमीटर से ज्यादा है और इस मिसाइल की क्षमता ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में तबाही मचाने की है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन की हवाई सुरक्षा से बचते हुए सुरक्षित दूरी से ही अपने लक्ष्यों को भेद सके। हालांकि इसका मतलब ये भी हो सकता है कि जिस तरह से ईरान ने अब अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मारना शुरू किया है उसे देखते हुए शायद अब ईरान के एयर डिफेंस क्षेत्र में आए बगैर उसके ठिकानों पर हमला करना हो सकता है।

दो तिहाई हिस्से का ईरान युद्ध में होगा इस्तेमाल
उस व्यक्ति ने ये भी बताया कि कम दूरी वाली JASSM मिसाइल के साथ-साथ जिसकी मारक क्षमता लगभग 250 मील है, अमेरिका के लगभग दो-तिहाई जखीरे को ईरान युद्ध के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। लेकिन अमेरिका और इजरायल के मिसाइल भंडार में कमी आने की कई रिपोर्ट्स आई हैं। अमेरिका में मिसाइल इंटरसेप्टर और लंबी दूरी के मारक हथियारों की आपूर्ति एक अहम मुद्दा बनी हुई है। इस्तेमाल हो चुके हथियारों की भरपाई करने में मौजूदा उत्पादन दर के हिसाब से कई साल लग जाएंगे।

अमेरिका अगर हमलों के लिए JASSM-ER जैसे लंबी दूरी के हथियारों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है, तो इससे उसके सैनिकों को होने वाला खतरा तो कम हो जाता है लेकिन चीन जैसे अधिक सक्षम प्रतिद्वंद्वियों के लिए रखे गए हथियारों के जखीरे में कमी आ जाती है। ऐसी स्थिति में ताइवान पर जब चीन हमला करेगा तो अमेरिका के पास गाल बजाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं रहेगा।

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