Vrindavan News: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज की वापसी, फलाहारी बाबा ने मांगी माफी

Vrindavan News: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह करीब 14 दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उनके आने की खबर मिलते ही दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। महाराज ने आश्रम में श्रीजी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और गुरुजी से आशीर्वाद लिया। कुछ देर रुकने के बाद वह यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। बाद में उन्होंने यमुना विहार

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 9, 2026

Vrindavan News: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह करीब 14 दिन बाद राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उनके आने की खबर मिलते ही दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई। महाराज ने आश्रम में श्रीजी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और गुरुजी से आशीर्वाद लिया। कुछ देर रुकने के बाद वह यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। इस दौरान भक्त उनकी एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। बाद में उन्होंने यमुना विहार कुंज आश्रम में प्रवचन भी दिए।

कैसे चर्चा में आया प्रेमानंद महाराज का आश्रम ?

बताते चले कि, प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद से आश्रम से जुड़ा मामला चर्चा में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले शुक्रवार को रसिक दुलारी ने आश्रम की इमारत से कूदकर जान दे दी थी। घटना के बाद पुलिस जांच के दौरान कमरे में एक कटर और शरीर के निजी अंग का हिस्सा मिलने की बात सामने आई थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल उठे।

कैसे चर्चा में आया प्रेमानंद महाराज का आश्रम ?

घटना से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब स्पष्ट नहीं हो सके। खास तौर पर निजी अंग के कटने की परिस्थितियों को लेकर चर्चाएं होने लगीं। हालांकि, इन परिस्थितियों के पीछे की वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस जांच के तथ्यों और आधिकारिक जानकारी का इंतजार जरूरी है।

सुबह-सुबह राधा केलि कुंज पहुंचे प्रेमानंद महाराज

गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रेमानंद महाराज अचानक राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। उन्होंने वहां करीब 20 मिनट बिताए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और गुरुजी से आशीर्वाद लिया। सुबह करीब छह बजे वह यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए निकल गए। उनके पहुंचने की खबर सुनकर बड़ी संख्या में भक्त एकत्र हो गए। भीड़ को संभालने के लिए आश्रम के शिष्यों को मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद प्रेमानंद महाराज ने आश्रम में प्रवचन देकर भक्तों को संबोधित किया।

आखिर क्या था फलाहारी बाबा का बयान ?

आखिर क्या था फलाहारी बाबा का बयान ?

दूसरी ओर, प्रेमानंद महाराज और क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर दिए गए बयान के बाद फलाहारी महाराज भी चर्चा में आ गए हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले से जुड़े पक्षकार दिनेश शर्मा, जिन्हें फलाहारी महाराज के नाम से जाना जाता है, ने दावा किया था कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे। उन्होंने इसके पीछे राजस्थान की एक निजी कंपनी का नाम भी लिया था।

इस दावे के बाद मथुरा-वृंदावन के कई संतों ने आपत्ति जताई। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर संत समाज की बैठक हुई, जिसमें फलाहारी महाराज के सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार की घोषणा की गई। साथ ही, उन्हें भविष्य में धार्मिक कार्यक्रमों में आमंत्रित नहीं करने का निर्णय लिया गया।

फलाहारी महाराज ने अपने बयान को लेकर मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद फलाहारी महाराज ने अपने बयान को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रेमानंद महाराज के लिए कभी कोई गलत बात नहीं कही और वह पूज्य महाराज जी से माफी मांगते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से पेश किया गया। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले के बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

फलाहारी महाराज ने अपने बयान को लेकर मांगी माफी

फलाहारी महाराज के इस बयान के बाद विवाद को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। हालांकि, विराट कोहली को पांच करोड़ रुपये दिए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में इस दावे को तथ्य के रूप में पेश करने के बजाय फलाहारी महाराज के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। वहीं, रसिक दुलारी की मौत से जुड़े सवालों पर भी जांच के आधिकारिक निष्कर्षों का इंतजार रहेगा।