Weather Alert : देशभर में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। इस साल प्री-मानसून की सक्रियता सामान्य से कहीं अधिक ताकतवर नजर आ रही है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की हालिया सैटेलाइट तस्वीरों (INSAT-3DS) ने एक बेहद चौंकाने वाला नजारा दिखाया है। अंतरिक्ष से राजस्थान से लेकर मध्य भारत होते हुए तेलंगाना तक करीब 1600 किलोमीटर लंबी बादलों की एक विशाल और गरजने वाली पट्टी देखी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह कोई साधारण बदलाव नहीं है, बल्कि एक अत्यंत शक्तिशाली वेदर सिस्टम है जो देश के एक बड़े हिस्से को एक साथ प्रभावित करने का माद्दा रखता है।
क्यों खतरनाक हुआ मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, वर्तमान में भारत के लगभग 70 से 80 प्रतिशत भू-भाग पर प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। इसका मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी, अरब सागर, राजस्थान, पाकिस्तान और गंगा के मैदानी क्षेत्रों के ऊपर एक साथ कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) का बनना है। इन सिस्टमों की वजह से हवा में नमी का स्तर अत्यधिक बढ़ गया है। अत्यधिक गर्मी और वायुमंडल के ऊपरी स्तर पर अनुकूल हवाओं के इस गठजोड़ से मौसम बेहद अस्थिर हो चुका है, जिससे अगले 48 घंटों में भारी तबाही की आशंका है।
पहाड़ों पर संकट: चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक
आईएमडी ने देश के 17 राज्यों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी खतरा काफी बढ़ गया है। उत्तराखंड में मौसम के बिगड़ते तेवरों को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन चारधाम यात्रा को कुछ समय के लिए रोक दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और मुख्य सड़कें बंद होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों को बेहद सतर्क रहने और यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
उत्तर और मध्य भारत में आंधी-तूफान का तांडव
मैदानी राज्यों में हवाओं की रफ्तार डराने वाली है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, कानपुर और वाराणसी सहित कई जिलों में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और भारी बारिश का अनुमान है। दिल्ली-एनसीआर में भी गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन जोखिम बना रहेगा। वहीं, पंजाब और हरियाणा में 75 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन, भोपाल और जबलपुर समेत कई जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की चेतावनी है।
पूर्वी भारत में वज्रपात और जलभराव का अलर्ट
बिहार और झारखंड में इस समय आसमानी बिजली (वज्रपात) का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। पटना, गया, रांची और धनबाद जैसे शहरों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है। लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है। पश्चिम बंगाल और कोलकाता के निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव (वाटरलॉगिंग) की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
मरुधरा को राहत और दक्षिण में मानसून की दस्तक
राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर और बाड़मेर जैसे गर्म जिलों में बारिश से तापमान गिरेगा, लेकिन 60 किमी/घंटे की रफ्तार वाली धूलभरी आंधियां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर सकती हैं। दूसरी तरफ, पूर्वोत्तर के असम और मेघालय में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तबाही मचाने वाली हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में अच्छी बारिश हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि यह माहौल दक्षिण भारत में मुख्य मानसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल है। मछुआरों को फिलहाल उग्र समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
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