Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेले में आग, अफरा-तफरी का माहौल

Prayagraj Magh Mela 2026: सेक्टर-5 के नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लगने से माघ मेले में अफरा-तफरी मच गई। तेज़ी से फैली आग की चपेट में कई टेंट और दुकानें आ गईं, जिससे कल्पवासियों में दहशत फैल गई।

प्रयागराज माघ मेले में आग

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 13, 2026

Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान एक बड़ी आगजनी की घटना सामने आई है। सेक्टर-5 स्थित नारायण शुक्ला धाम शिविर में अचानक आग लग गई, जिससे मेले में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में आसपास के कई टेंट और दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। दूर-दूर तक आग की लपटें दिखाई दीं, जिससे मौके पर मौजूद कल्पवासियों और श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई।

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आग लगते ही मची अफरा-तफरी

जैसे ही शिविर में आग भड़की, वहां मौजूद कल्पवासी जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे। धुएं और लपटों के कारण स्थिति बेहद भयावह हो गई। संतों, पुलिसकर्मियों और मेला प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 से 7 गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने में काफी समय लगा, क्योंकि तेज हवाओं के कारण लपटें बार-बार फैलने लगी थीं। हालांकि, दमकल विभाग की तत्परता से आग को आगे फैलने से रोक लिया गया।

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20 दुकानें जलकर राख

आपको बता दें कि, इस आगजनी की घटना में कल्पवासी शिविर के बाहर लगी करीब 20 दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। इसके अलावा, नारायण शुक्ला धाम शिविर में लगे लगभग 15 टेंट भी आग की चपेट में आ गए। इन टेंटों में करीब 50 कल्पवासी ठहरे हुए थे, जिन्हें समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कोई जनहानि नहीं, बड़ा हादसा टला

राहत की बात यह रही कि इस भीषण आगजनी में कोई हताहत नहीं हुआ। सभी कल्पवासियों और शिविर में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मेला प्रशासन और पुलिस की तत्परता के चलते स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।

मेला प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद माघ मेला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। शिविरों और दुकानों में लगे बिजली के उपकरणों की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही, अग्नि सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आने वाले दिनों में इस तरह की कोई और घटना न हो।

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