पंजाब के लुधियाना में बिजली गुल, मॉक ड्रिल के दौरान 30 लोगों का रेस्क्यू

लुधियाना. शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी

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Published On :

अप्रैल 25, 2026

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लुधियाना.

शहर में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार रात जिला प्रशासन ने 15 मिनट का ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित कर अपनी तत्परता का दमदार प्रदर्शन किया। रात 7:55 बजे सायरन बजते ही पूरे इलाके में अलर्ट जारी हुआ और ठीक 8 बजे पीएयू, किचलू नगर, अग्र नगर सहित कई क्षेत्रों की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।

अंधेरे में डूबे इन इलाकों में अचानक बना आपातकालीन माहौल वास्तविक स्थिति जैसा प्रतीत हुआ। इस दौरान विभिन्न एजेंसियों ने मिलकर राहत व बचाव कार्यों का अभ्यास किया। खासतौर पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) परिसर में एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति का दृश्य तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

घायलों को सुरक्षित निकालने का हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, नगर निगम और पंजाब होम गार्ड्स की टीमों ने संयुक्त रूप से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। टीमों ने यह अभ्यास किया कि आपदा के समय घायलों को सुरक्षित कैसे निकाला जाए, मौके पर प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए और उन्हें तेजी से अस्पताल कैसे पहुंचाया जाए।
मॉक ड्रिल के दौरान ट्रैफिक कंट्रोल और भीड़ प्रबंधन की भी रिहर्सल की गई। एंबुलेंस के जरिए डमी घायलों को अस्पताल पहुंचाकर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और प्रतिक्रिया समय का आकलन किया गया। पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत संचालित की गई। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पूनम सिंह ने कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि मॉक ड्रिल के दौरान घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें।

दो मिनट तक लगातार बजा सायरन
मॉक ड्रिल समाप्त होने के बाद ‘आल क्लियर’ सिग्नल के तौर पर दो मिनट तक लगातार सायरन बजाया गया, जिसके बाद बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। नायब तहसीलदार रंजीत सिंह ने इसे सफल बताते हुए कहा कि इस तरह के अभ्यास से विभागों के बीच समन्वय मजबूत होता है और रिस्पान्स टाइम बेहतर होता है। इस दौरान सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, जिन्होंने मिलकर शहर की सुरक्षा तैयारियों की मजबूत झलक पेश की।

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