6 विधेयकों पर चर्चा के लिए पंजाब विधानसभा का सत्र बढ़ाने की मांग, गरमाई सियासत

चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र को कुछ और दिनों के लिए बढ़ाने की मांग कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने की है। खैरा ने कहा कि सत्र के अंतिम कार्य दिवस पर 6 महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ न्याय नहीं है। खैरा ने कहा कि विधानसभा के आधिकारिक विधायी कामकाज में छह नए विधेयक विचार के लिए रखे गए हैं। इनमें तीन डिजिटल यूनिवर्सिटी, जीएसटी, आउटसोर्स कर्मचारियों व संविदा नियुक्तियों तथा कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित विधेयक शामिल हैं। एक दिन में चर्चा संभव नहीं उन्होंने सवाल उठाया कि इतने

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Published On :

अगस्त 9, 2026

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चंडीगढ़.

पंजाब विधानसभा के चल रहे सत्र को कुछ और दिनों के लिए बढ़ाने की मांग कांग्रेस के विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने की है। खैरा ने कहा कि सत्र के अंतिम कार्य दिवस पर 6 महत्वपूर्ण विधेयकों को बिना पर्याप्त चर्चा के पारित करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ न्याय नहीं है।

खैरा ने कहा कि विधानसभा के आधिकारिक विधायी कामकाज में छह नए विधेयक विचार के लिए रखे गए हैं। इनमें तीन डिजिटल यूनिवर्सिटी, जीएसटी, आउटसोर्स कर्मचारियों व संविदा नियुक्तियों तथा कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित विधेयक शामिल हैं।

एक दिन में चर्चा संभव नहीं
उन्होंने सवाल उठाया कि इतने महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले कानूनों की अंतिम दिन पर्याप्त जांच और चर्चा कैसे संभव है। उन्होंने कहा कि विधायकों को विधेयकों का अध्ययन करने, संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने और जरूरत पड़ने पर संशोधन प्रस्तावित करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। विधानसभा कैबिनेट की रबर स्टांप नहीं है।उसका काम कानूनों की धारा-दर-धारा समीक्षा करना और उनके प्रभावों पर चर्चा करना है।

डिजिटल यूनिवर्सिटीज संबंधित विधेयक पर भी सवाल
खैरा ने तीन डिजिटल यूनिवर्सिटी से संबंधित विधेयकों को सत्र के अंतिम चरण में लाने की जरूरत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन विधेयकों को पंजाब के हित में मानती है तो उसे विधानसभा सत्र बढ़ाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से विधानसभा की गरिमा और सर्वोच्चता बनाए रखने की अपील की। खैरा ने कहा कि जल्दबाजी में छह कानून पारित करना पंजाब के भविष्य के साथ मजाक होगा।

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