PMFBY Bengal: पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई सरकार के गठन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पहले बंगाल दौरे पर पहुंचे। हुगली जिले के तारकेश्वर में आयोजित ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ समारोह के भव्य मंच से प्रधानमंत्री ने राज्य को विकास की कई बड़ी सौगातें दीं। उन्होंने रेलवे, सड़क, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी ₹820 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
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बंगाल की धरती से देश को सौगात
यह देश के इतिहास में पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की धरती से पूरे भारत के अन्नदाताओं के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-KISAN) की किस्त जारी की है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने योजना की 23वीं किस्त के रूप में देश भर के 9 करोड़ 44 लाख किसानों के खातों में ₹18,880 करोड़ की भारी-भरकम राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की।
इसमें से अकेले पश्चिम बंगाल के 45 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹900 करोड़ से ज्यादा की राशि हस्तांतरित की गई। इस नई किस्त के साथ ही बंगाल में इस योजना के तहत अब तक वितरित की गई कुल राशि ₹15,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। गौरतलब है कि साल 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक देश भर के किसानों को ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना (PMFBY) की बंगाल में एंट्री
राज्य में नई सरकार के आते ही प्रधानमंत्री ने बंगाल के किसानों के लिए रुकी हुई केंद्रीय योजनाओं के द्वार खोल दिए हैं। पीएम मोदी ने राज्य में ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक पहल के तहत साल 2026-27 के दौरान बंगाल के लगभग 50 लाख किसानों को सीधे बीमा कवरेज के दायरे में लाया जाएगा।
इसके जरिए राज्य की करीब 14 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पर लगी फसलों को सुरक्षा मिलेगी, जिसका अनुमानित बीमित मूल्य ₹28,140 करोड़ आंका गया है। किसानों को आपदा की स्थिति में नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार भारी प्रीमियम सब्सिडी के माध्यम से मदद करेगी।
डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और अन्य कृषि योजनाएं
कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने बंगाल में ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’ के तहत ‘एग्रीस्टैक’ (AgriStack) लॉन्च करने की घोषणा की। इसके तहत किसानों को एक ही एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), उर्वरक वितरण, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद जैसी सत्यापित सरकारी सेवाएं पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी। इसके अलावा पीएम ने ‘नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग’ (प्राकृतिक खेती) और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ की भी शुरुआत की।
इंफ्रास्ट्रक्चर को रफ्तार: रेलवे, सड़क और मत्स्य पालन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स
कृषि के साथ-साथ राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं की गईं—
रेलवे प्रोजेक्ट्स: प्रधानमंत्री ने करीब ₹590 करोड़ की रेल परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इसमें हावड़ा जिले की ‘संकराइल-संतरागाछी लिंक लाइन परियोजना’ का उद्घाटन और हावड़ा में ही ₹300 बिस्तरों वाले नए ‘मंडल रेलवे अस्पताल’ की आधारशिला शामिल है। इसके साथ ही पूर्वी मेदिनीपुर में हौर और राधामोहनपुर के बीच एक नए रेल ओवरब्रिज (ROB) का शिलान्यास भी किया गया।
मत्स्य और पशुपालन: दक्षिण 24 परगना के फ्रेजरगंज में आधुनिक व क्षमता-विस्तारित मत्स्य बंदरगाह और बीरभूम के सैंथिया में नवनिर्मित आधुनिक मछली बाजार का उद्घाटन किया गया। साथ ही नदिया जिले के हरिणहाटा में पूर्वी भारत की पहली अत्याधुनिक क्षेत्रीय वीर्य उत्पादन प्रयोगशाला और बकरियों के लिए वीर्य बैंक का उद्घाटन किया गया, जो वैज्ञानिक पशुधन प्रजनन में मील का पत्थर साबित होगा।
ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-III) के तहत तैयार की गई 49 सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया।










