PM Modi Speech: महिला आरक्षण पर भड़के पीएम मोदी, विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने संख्या का बहाना बनाकर देश को गुमराह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण का विरोध करके इन दलों का असली चेहरा नारी शक्ति के सामने आ गया है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 19, 2026

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में महिला आरक्षण बिल के संसद में पारित न हो पाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने इस विफलता के लिए कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि इनका असली चेहरा अब देश के सामने बेनकाब हो चुका है। पीएम मोदी ने विपक्ष की कार्यशैली को विकास में बाधक बताते हुए ‘लटकाना और अटकाना’ उनकी पुरानी फितरत करार दिया।

PM Modi Address To Nation: PM मोदी के भाषण से गरमाई राजनीति, विपक्ष ने साधा निशाना

विपक्ष पर षड्यंत्र का आरोप

PM Modi Speech
महिला आरक्षण पर भड़के पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विशेष रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके (DMK) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का गिरना कोई संयोग नहीं, बल्कि विपक्षी दलों का एक सुविचारित षड्यंत्र था।

नफरत की राजनीति: पीएम ने कहा कि कांग्रेस बुनियादी तौर पर महिला सशक्तिकरण के विचार से नफरत करती है। इतिहास गवाह है कि जब भी महिला आरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाए गए, कांग्रेस ने रोड़े अटकाने का काम किया। इस बार भी विपक्ष ने कभी आंकड़ों के नाम पर तो कभी प्रक्रिया के नाम पर देश को गुमराह करने की कोशिश की। पीएम के अनुसार, विपक्ष ने नारी शक्ति के सामने अपना ‘मुखौटा’ उतार दिया है और जनता अब उनकी असलियत जान चुकी है।

‘अपमान पर मेजें थपथपाना दुखद’

प्रधानमंत्री ने संसद के भीतर के उस दृश्य का जिक्र किया जब बिल पारित नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि यह देखना अत्यंत पीड़ादायक था कि जब देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकारों का हनन हुआ, तब विपक्षी दल खुशी मना रहे थे।

नारी शक्ति का अपमान: पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा, “जब यह महत्वपूर्ण प्रस्ताव सदन में गिरा, तब परिवारवादी दल—कांग्रेस, टीएमसी और सपा—मेजें थपथपा रहे थे। यह सिर्फ टेबल पर थाप नहीं थी, बल्कि भारत की हर नारी के स्वाभिमान पर करारी चोट थी।”

अमिट कसक: उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि एक महिला सब कुछ भूल सकती है, लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। संसद में विपक्षी नेताओं के इस व्यवहार की कसक हर भारतीय नारी के मन में रहेगी।

‘एंटी-रिफॉर्म’ मानसिकता और भविष्य का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों को ‘विकास विरोधी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की प्राथमिकता देश की प्रगति नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक हितों को बचाना है। “देश की नारी जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेगी, तो उसे याद आएगा कि यही वो लोग हैं जिन्होंने संसद में उनके अधिकारों को रोकने का जश्न मनाया था।”

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में संकल्प दोहराया कि नारी शक्ति के अधिकारों की इस लड़ाई को रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि विरोध की इस पूरी लिस्ट और विपक्ष के अड़ियल रवैये के बावजूद, सरकार महिला सशक्तिकरण के अपने मिशन पर अडिग है। यह संबोधन आने वाले समय में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज करने के संकेत दे रहा है।

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