PM Modi in UAE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने पांच देशों के विदेश दौरे के पहले चरण के तहत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी पहुंचे। वैश्विक कूटनीति के लिहाज से इस यात्रा को बेहद अहम माना जा रहा है। जैसे ही प्रधानमंत्री का विशेष विमान यूएई की वायुसीमा में दाखिल हुआ, वहां की वायुसेना के शक्तिशाली F-16 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को चारों ओर से घेरकर सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) बनाया। यह दृश्य भारत और यूएई के बीच बढ़ते रक्षा और रणनीतिक संबंधों की एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस विशेष सम्मान पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए इसे 140 करोड़ भारतीयों का गौरव बताया।
एयरपोर्ट पर शाही स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर का शानदार दृश्य
बताते चले कि, नई दिल्ली से रवाना होने के कुछ ही घंटों बाद जब पीएम मोदी अबू धाबी के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे, तो वहां का नजारा बेहद भव्य था। हवाई अड्डे पर यूएई के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी गर्मजोशी के साथ अगवानी की। कूटनीतिक प्रोटोकॉल के तहत उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जो किसी भी राष्ट्राध्यक्ष के लिए सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस पल का वीडियो साझा करते हुए इसे गहरी रणनीतिक साझेदारी और आपसी विश्वास का प्रतीक करार दिया। यह स्वागत न केवल प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व को बल्कि विश्व पटल पर उभरते भारत की मजबूत छवि को भी दर्शाता है।
राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद को बताया ‘भाई’
अबू धाबी पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस मुलाकात की सबसे खास बात दोनों नेताओं के बीच की निजी केमिस्ट्री रही। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राष्ट्रपति नाहयान को अपना ‘भाई’ संबोधित करते हुए दिल छू लेने वाला संदेश साझा किया। दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह बैठक व्यापार, ऊर्जा और तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच साझा सौहार्द और पुराने सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सशक्त करने पर जोर दिया गया।
PM मोदी ने जताया मेजबानी के लिए आभार
राष्ट्रपति नाहयान से चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने यूएई द्वारा किए गए असाधारण स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आज मुझे महसूस हो रहा है कि मैं अपने दूसरे घर आया हूं।” उन्होंने विशेष रूप से यूएई की सेना द्वारा आसमान में विमान को एस्कॉर्ट किए जाने का जिक्र करते हुए इसे एक बड़ी पूंजी बताया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूएई की धरती पर उन्हें मिलने वाला हर सम्मान वास्तव में भारत के आम नागरिक का सम्मान है। यह बयान दोनों देशों के बीच महज औपचारिक रिश्तों से बढ़कर एक पारिवारिक और मजबूत जुड़ाव को इंगित करता है।
स्वीडन और इटली की यात्रा पर रवाना होंगे प्रधानमंत्री
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की इस पांच देशों की आधिकारिक विदेश यात्रा का यह पहला पड़ाव है। यूएई के बाद वे यूरोप के महत्वपूर्ण देशों की ओर रुख करेंगे। इस दौरे में उनका अगला गंतव्य नीदरलैंड होगा, जिसके बाद वे स्वीडन, नॉर्वे और अंत में इटली की यात्रा करेंगे। इस लंबी विदेश यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करना और यूरोपीय देशों के साथ भारत के कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। जानकारों का मानना है कि इस यात्रा के माध्यम से भारत जलवायु परिवर्तन, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक व्यापार जैसे मुद्दों पर दुनिया का नेतृत्व करने की अपनी तैयारी साझा करेगा।










