PM Modi Red Fort Speech : लाल किले से PM मोदी का बड़ा बयान, ‘दिमागी नक्सल’ को बताया ज्यादा खतरनाक

PM Modi Red Fort Speech: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हथियार वाले नक्सली कमजोर हुए हैं, लेकिन ‘दिमागी नक्सल’ अब भी चुनौती बने हुए हैं। पीएम मोदी ने ऐसे तत्वों को पहचानने और समाज से अलग-थलग करने की अपील की।

PM Modi Red Fort Speech

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 15, 2026

PM Modi Red Fort Speech : 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद और माओवाद को भारत की प्रगति में बड़ी बाधा बताया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए यह जरूरी है कि उन पुरानी चुनौतियों को समाप्त किया जाए, जिन्होंने लंबे समय तक देश के विकास को प्रभावित किया। पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाया और कई परिवारों के सपनों को तोड़ा।

चार दशकों तक हिंसा के साये में रहा बड़ा हिस्सा

प्रधानमंत्री ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने भारत के बड़े हिस्से और आबादी के एक हिस्से को प्रभावित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा के जरिए शासन करने की कोशिश की गई और संविधान की व्यवस्था को चुनौती दी गई। पीएम मोदी ने कहा कि इस संघर्ष में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों, युवाओं और परिवारों को उठाना पड़ा।

हजारों सुरक्षा कर्मियों ने दिया सर्वोच्च बलिदान

पीएम मोदी ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा करते हुए 3,500 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने नक्सल हिंसा के दौर को याद करते हुए कहा कि इस संघर्ष ने देश के कई हिस्सों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया। प्रधानमंत्री ने सुरक्षाबलों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि देश उनके योगदान को कभी नहीं भूल सकता।

2014 में लिया था नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 में जब देश की जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, तभी नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने दावा किया कि बीते वर्षों में सुरक्षा अभियानों, विकास कार्यों और प्रशासनिक पहुंच के कारण नक्सली हिंसा कमजोर हुई है। पीएम मोदी के मुताबिक अब नक्सली और माओवादी हिंसा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसे पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का दावा

पीएम मोदी ने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की गोलियों की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब विकास और विश्वास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक ऐसे क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं और अन्य विकास गतिविधियों का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब राष्ट्रीय ध्वज सम्मान के साथ लहराता दिखाई दे रहा है।

‘दिमागी नक्सलवाद’ से भी सावधान रहने की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के वैचारिक प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हथियार उठाने वाले नक्सलवाद के साथ-साथ ऐसी विचारधारा से भी देश को बचाना जरूरी है, जो युवाओं को हिंसा और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ भड़काती है। उन्होंने इसे देश की नई पीढ़ी और राष्ट्रीय विकास के लिए गंभीर चुनौती के रूप में पेश किया।

स्थिर सरकार और लोकतंत्र को बताया ताकत

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था की ताकतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के पास स्थिर राजनीतिक जनादेश, स्थिर सरकार, जीवंत लोकतंत्र, मजबूत न्याय व्यवस्था और ऐसा संविधान है, जो सभी नागरिकों को दिशा देता है। प्रधानमंत्री के मुताबिक ये संस्थाएं भारत को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं।

व्यापार समझौतों को बताया बड़ा अवसर

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में हुए व्यापार समझौतों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार के बदलते माहौल में भारत के सामने नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने देश के MSME सेक्टर से इन अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। पीएम ने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों को उत्पादन, निर्यात और रोजगार के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ानी चाहिए।

विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा संदेश

प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई के साथ विकास और आर्थिक अवसरों का भी संदेश दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि भारत को आगे बढ़ने के लिए पुरानी चुनौतियों से बाहर निकलना होगा और नई संभावनाओं का लाभ उठाना होगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और विश्वास को मजबूत करना भी इसी व्यापक लक्ष्य का हिस्सा बताया गया।

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