PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। लगभग 97 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस की नीतियों, सिख समुदाय के प्रति उनके व्यवहार और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर विस्तार से बात की।
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संवैधानिक मर्यादा और राष्ट्रपति का अपमान
बताते चले कि, प्रधानमंत्री ने लोकसभा में चर्चा के दौरान हुए हंगामे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति के अभिभाषण में बाधा डालना न केवल एक महिला और आदिवासी गौरव का अपमान है, बल्कि यह देश के संविधान पर भी हमला है। पीएम ने स्पष्ट किया कि जो लोग सदन की मर्यादा नहीं रख सकते, उन्हें संविधान की दुहाई देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सिख समुदाय का सम्मान और कांग्रेस की ‘नफरत’
राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को ‘गद्दार’ कहे जाने पर मोदी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे पूरे सिख समाज का अपमान करार देते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति हमेशा से लोगों को नीचा दिखाने की रही है। पीएम के अनुसार, कांग्रेस की सोच आज भी सिखों के प्रति नकारात्मक बनी हुई है।
जनता का आशीर्वाद ही मोदी का सुरक्षा कवच
विपक्ष द्वारा लगाए गए ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि देश की करोड़ों माताओं और बहनों का आशीर्वाद उनके लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच है, जिसे कांग्रेस की नफरत कभी भेद नहीं पाएगी।
घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति पर वार
पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों पर वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष विकास की ठोस दृष्टि प्रस्तुत करने के बजाय केवल एक ‘शाही परिवार’ की सेवा में जुटा है। इस दौरान विपक्ष के बहिर्गमन के बीच सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित कर दिया।
नेहरू-इंदिरा के फैसलों और नीति आयोग की चर्चा
प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस ने केवल योजनाएं शुरू की, लेकिन उन्हें पूरा करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। उन्होंने नर्मदा बांध और प्लानिंग कमीशन का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी सरकार ने पुराने ढर्रे को बदलकर नीति आयोग जैसी आधुनिक संस्थाओं की स्थापना की और लंबित परियोजनाओं को धरातल पर उतारा।
‘दो किलो गाली’ और विपक्ष की हताशा
अपने स्वास्थ्य का राज साझा करते हुए पीएम ने चुटकी ली कि वे “रोजाना दो किलो गालियां खाते हैं”, जो उन्हें ऊर्जा देती हैं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना और आतंकवाद पर प्रहार करना विपक्ष को पच नहीं रहा है, इसीलिए वे एक गरीब परिवार से आए व्यक्ति के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
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