PM Modi Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में छात्रों और युवाओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक ऐसी राजनीतिक संस्कृति रही, जिसमें आम लोगों को सरकारी व्यवस्था पर निर्भर बनाए रखने की कोशिश की गई।
बैंकिंग व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब उनकी सरकार ने करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए प्रयास किए, तब भी कुछ लोगों ने इन पहलों का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देश की उपलब्धियों को सकारात्मक नजरिए से देखने के बजाय हमेशा कमियां तलाशते हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, गरीब और सामान्य नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उन्हें व्यवस्था पर निर्भर रखना पुरानी राजनीति का हिस्सा रहा है।
‘माई-बाप’ कल्चर पर पीएम मोदी का हमला
पीएम मोदी ने अपने भाषण में ‘माई-बाप’ संस्कृति का जिक्र करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह ऐसी राजनीतिक सोच है, जिसमें जनता को अधिकारों और अवसरों के बजाय सत्ता पर निर्भर रहने की आदत डाल दी जाती है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार इस व्यवस्था को बदलने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वे इस संस्कृति के सामने मजबूती से खड़े हैं।
‘सच की हुंकार के आगे झूठ नहीं टिकेगा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में बदलाव के प्रयासों के सामने गलत धारणा और राजनीतिक आलोचना लंबे समय तक नहीं टिक सकती। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि सच की आवाज के सामने झूठ की गूंज कमजोर पड़ जाएगी। पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे ‘माई-बाप’ संस्कृति को बढ़ावा देने वाली सोच के खिलाफ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे।
पुरानी सरकारों की कार्यशैली पर सवाल
पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश में ऐसी व्यवस्था रही, जिसमें संकट आने के बाद ही सरकारें सक्रिय होती थीं। उन्होंने इसे उदाहरण के तौर पर समझाते हुए कहा कि आग लगने के बाद जागना और सूखा पड़ने पर कुआं खोदना उस समय की राजनीति की पहचान बन गई थी।
2014 के बाद बदलाव का दावा
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राजनीति की इस पुरानी कार्यशैली को बदलने का संकल्प लिया था। वर्ष 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद उनकी सरकार ने समस्याओं के समाधान के लिए पहले से तैयारी और योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य केवल संकट के समय प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए पहले से व्यवस्था तैयार करना है।
‘मेक इन इंडिया’ का पुराना संदर्भ
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान वर्ष 2013 के एक कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय उन्होंने भारत में निर्माण को बढ़ावा देने और ‘मेड इन इंडिया’ की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई थी। उनके मुताबिक, उस दौर में उनके विचारों को गंभीरता से नहीं लिया गया और कई लोगों को यह लक्ष्य बेहद मुश्किल या असंभव नजर आता था।
आज दुनिया में दिख रही ‘मेक इन इंडिया’ की पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने उस समय भारत में निर्माण को लेकर उनके विचारों का मजाक उड़ाया था, उन्हें आज ‘मेक इन इंडिया’ की बढ़ती ब्रांड वैल्यू देखनी चाहिए। उन्होंने इसे देश की आर्थिक क्षमता, उत्पादन और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि भारत ने बीते वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी निर्माण क्षमता और पहचान को मजबूत किया है।
युवाओं के सामने रिपोर्ट कार्ड रखने की बात
पीएम मोदी ने कहा कि वे केवल दावे करने के बजाय अपना रिपोर्ट कार्ड जनता और युवाओं के सामने रखते हैं। उन्होंने कहा कि उनमें अपने पुराने बयानों और आज के परिणामों के बीच तुलना करने का साहस है। SRCC में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने भाषण को सरकार की नीतियों और पिछले वर्षों में किए गए बदलावों से जोड़ने की कोशिश की।
राजनीतिक संदेश के साथ खत्म हुआ भाषण
प्रधानमंत्री का यह संबोधन आर्थिक विकास, बैंकिंग व्यवस्था, आत्मनिर्भरता और राजनीतिक संस्कृति जैसे मुद्दों के इर्द-गिर्द रहा। राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों को पुरानी राजनीतिक व्यवस्था से अलग बताया। साथ ही उन्होंने युवाओं के बीच यह संदेश देने की कोशिश की कि देश में बदलाव की दिशा में किए गए प्रयासों को उपलब्धियों के आधार पर देखा जाना चाहिए।
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