PM Modi Putin Meeting: जिनपिंग-पुतिन संग मोदी की मुलाकात ने खींचा ध्यान, शरीफ ने किससे बढ़ाई नजदीकी?

किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अनौपचारिक बातचीत देखने को मिली।

PM Modi Putin Meeting

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

सितम्बर 1, 2026

PM Modi Putin Meeting: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान कूटनीतिक मंच पर भारत और पाकिस्तान के कद का एक बार फिर स्पष्ट अंतर देखने को मिला। इस वैश्विक सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वैश्विक प्रभाव और कूटनीतिक दबदबा साफ तौर पर नजर आया, जबकि दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को कई मौकों पर वैश्विक नेताओं की अनदेखी का शिकार होना पड़ा। सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ पीएम मोदी की गर्मजोशी भरी मुलाकात चर्चा का मुख्य केंद्र रही, जबकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को अपनी साख बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।

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पीएम मोदी, जिनपिंग और पुतिन की कूटनीतिक नजदीकी

शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित आधिकारिक ग्रुप फोटो सेशन से पहले और बाद का माहौल पूरी तरह से भारत के पक्ष में नजर आया। जब सभी राष्ट्र प्रमुख मंच पर इकट्ठा हो रहे थे, तब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विशेष रूप से रुककर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच बेहद गर्मजोशी और आत्मीयता दिखाई दी। इसके अलावा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी ग्रुप फोटो से पहले प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और उनसे संक्षिप्त बातचीत की। इस दौरान दुनिया के तमाम बड़े नेता भारत के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को प्राथमिकता देते हुए दिखाई दिए।

शहबाज शरीफ को झेलनी पड़ी तीन बार किरकिरी

इस हाई-प्रोफाइल वैश्विक आयोजन में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को तीन अलग-अलग मौकों पर भारी असहजता और फजीहत का सामना करना पड़ा:

पहली किरकिरी: ग्रुप फोटो से ठीक पहले जब विश्व के बड़े नेता मंच पर एक-दूसरे का अभिवादन कर रहे थे, तब शहबाज शरीफ रूस के राष्ट्रपति पुतिन के पास जाकर खड़े हो गए थे। हालांकि, पुतिन ने उनकी तरफ देखा तक नहीं और न ही उनसे कोई बातचीत की।

दूसरी किरकिरी: ग्रुप फोटो के बाद जब सभी नेता मंच से नीचे उतर रहे थे, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत करते हुए आगे निकल गए। इस दौरान उन्होंने शहबाज शरीफ की तरफ देखना भी मुनासिब नहीं समझा, जबकि शरीफ वहीं हाथ बांधे खड़े रहे।

तीसरी किरकिरी: ग्रुप फोटो के तुरंत बाद पुतिन बिना देखे सीधे बाहर की ओर जाने लगे। अपनी अनदेखी होते देख और वैश्विक स्तर पर किरकिरी से बचने के लिए शरीफ ने खुद आगे बढ़कर पुतिन का दाहिना हाथ थामा, जिसके बाद मजबूरन पुतिन को रुककर उनसे बात करनी पड़ी।

द्विपक्षीय मुलाकातें और भू-राजनीतिक समीकरण

इस सम्मेलन से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक अहम द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से युद्ध को समाप्त करने और कूटनीतिक तथा शांतिपूर्ण बातचीत के जरिए ही इसका स्थायी समाधान तलाशने पर जोर दिया।

दूसरी ओर, अगर भारत-चीन संबंधों की बात करें तो वर्ष 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट और तनाव बना हुआ है। सीमा विवाद के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में कई अड़चनें आईं, जिन्हें सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद, बिश्केक में वैश्विक मंच पर मिले संकेतों ने यह साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत का कद और कूटनीतिक वजूद आज पाकिस्तान से कहीं अधिक मजबूत और प्रभावशाली स्थिति में है।

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