PM Modi On Somnath Temple: ‘सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, भारत के पुनरुत्थान का प्रतीक है’, हमले के 1000 साल पर भावुक हुए प्रधानमंत्री

सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के 1000 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावुक हुए और सोशल मीडिया एक्स पर एक इमोशनल पोस्ट लिखते हुए मंदिर को भारत की संस्कृति और आस्था का प्रतीक बताया।

PM Modi On Somnath Temple

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 5, 2026

PM Modi On Somnath Temple: सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक महादेव का सोमनाथ मंदिर गुजरात में स्थित है। यह मंदिर भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस मंदिर पर हुए हमले को आज 1000 साल पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक भावुक ब्लॉग लिखा। उन्होंने सोमनाथ मंदिर को भारत की आत्मा का उद्घोष बताया और कहा कि “सोमनाथ शब्द सुनते ही उनका दिल और दिमाग गर्व से भर जाता है।” प्रधानमंत्री ने इसे केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता, संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक बताया।

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मंदिर की अडिगता और आस्था

PM Modi On Somnath Temple
हमले के 1000 साल पर भावुक हुए प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लेख में लिखा कि सोमनाथ शिवलिंग के दर्शन मात्र से इंसान पापों से मुक्त हो जाता है और उसकी इच्छाएं पूरी होती हैं। उन्होंने मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि साल 1026 में विदेशी आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने इस पवित्र स्थल पर हमला कर इसे तबाह करने की कोशिश की थी। लेकिन सोमनाथ की कहानी विनाश की नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण और साहस की है। मंदिर पर कई बार हमले हुए, फिर भी यह अडिग खड़ा रहा और आस्था का केंद्र बना रहा।

महापुरुषों का योगदान

प्रधानमंत्री ने अपने लेख में कई महापुरुषों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने आहिल्याबाई होल्कर, स्वामी विवेकानंद और अन्य संतों का जिक्र किया जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की महत्ता को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। मोदी ने कहा कि यह मंदिर केवल पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि भारतीय आत्मा और साहस का प्रतीक है।

स्वतंत्रता के बाद पुनर्निर्माण

PM Modi On Somnath Temple
हमले के 1000 साल पर भावुक हुए प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी भी साझा की। उन्होंने बताया कि 1947 में सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ जाकर इसके पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। इसके बाद 11 मई 1951 को मंदिर को पुनः भक्तों के लिए खोला गया। मोदी ने कहा कि उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इतिहास ने साबित किया कि सरदार पटेल का फैसला बिल्कुल सही था।

केएम मुंशी का योगदान

प्रधानमंत्री ने अपने लेख में केएम मुंशी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुंशी ने मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल का साथ दिया और इस कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मोदी ने उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

इस वर्ष सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व का आयोजन किया जा रहा है। यह पर्व 8 से 11 जनवरी तक चलेगा, जिसमें कई आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम होंगे। देशभर से संत, श्रद्धालु और सामाजिक संगठन इसमें भाग लेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर का दौरा करेंगे और इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे।

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