India-Israel FTA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय तेल अवीव यात्रा के दौरान भारत और इजराइल के संबंधों में एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। पीएम मोदी और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई गहन ‘डेलीगेशन-लेवल’ की बातचीत के बाद दोनों देशों ने आर्थिक, सुरक्षा और राजनयिक क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस वार्ता का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि दोनों देशों ने अपने समय की कसौटी पर खरे उतरे रिश्तों को अब ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ (विशेष रणनीतिक साझेदारी) का दर्जा देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह कदम दोनों देशों की भविष्य की आकांक्षाओं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की सामूहिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
नेतन्याहू का भावुक संबोधन: नेसेट में मोदी के भाषण की सराहना
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पीएम मोदी की यात्रा को “शानदार और दिल को छूने वाली” बताया। नेतन्याहू ने कहा कि पिछले दिन इजराइली संसद (नेसेट) में पीएम मोदी द्वारा दिए गए भाषण ने हर इजराइली के दिल को छू लिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “आपके बयान के बाद इजराइल में किसी की भी आंखें सूखी नहीं रहीं।” नेतन्याहू ने भारत और इजराइल को दो ऐसी पुरानी सभ्यताओं के रूप में परिभाषित किया, जिन्हें अपने अतीत पर गर्व है लेकिन जो भविष्य को मुट्ठी में करने के लिए पूरी तरह दृढ़ संकल्पित हैं।
शिक्षा, AI और भविष्य की तकनीक पर विशेष जोर
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य उन्हीं का है जो नवाचार (Innovation) करते हैं। नेतन्याहू ने शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक सॉफ्टवेयर के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अब तकनीक की मदद से हर युवा छात्र की क्षमता को निखारा जा सकता है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही भारत में ‘G2G’ (सरकार से सरकार) स्तर की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इजराइल के वरिष्ठ मंत्री शामिल होंगे। इस दौरान नेतन्याहू ने एक हल्का-फुल्का व्यक्तिगत किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि अपनी पत्नी सारा के साथ उनकी पहली डेट एक भारतीय रेस्टोरेंट में हुई थी, जिसके कारण वे भारत के “व्यक्तिगत कर्जदार” हैं।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और UPI का इजराइल में प्रवेश
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि भारत और इजराइल जल्द ही एक ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (मुक्त व्यापार समझौता) को अंतिम रूप देंगे, जिससे व्यापारिक रिश्तों को नई दिशा मिलेगी। एक महत्वपूर्ण डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि अब इजराइल में भी भारत के ‘UPI’ (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के इस्तेमाल के लिए समझौता हो गया है। इसके अलावा, दोनों देश सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, स्पेस टेक्नोलॉजी और ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ जैसे संवेदनशील और उभरते क्षेत्रों में एक साथ काम करेंगे। उन्होंने ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ के सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित किया।
गांवों तक पहुंचेगी इजराइली तकनीक और आतंकवाद पर सख्त रुख
पीएम मोदी ने कृषि क्षेत्र में सहयोग को लेकर अपनी विजन साझा करते हुए कहा कि इजराइल की आधुनिक तकनीक को भारत के गांव-गांव तक ले जाया जाएगा। इसके लिए ‘विलेजेज ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने पर काम शुरू होगा, ताकि भारतीय किसान भविष्य के लिए तैयार हो सकें। सुरक्षा के मुद्दे पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गाजा शांति प्रक्रिया इस क्षेत्र के समग्र विकास का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह यात्रा भारत और इजराइल की दोस्ती को एक नई और आधुनिक पहचान देने में सफल रही है।









