25 Years Modi: लालकृष्ण आडवाणी से मिले PM मोदी, जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर खास मुलाकात

25 Years Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार में प्रमुख पद पर रहते हुए 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 7 अक्टूबर 2001 को शपथ लेने के बाद शुरू हुआ पीएम मोदी का संवैधानिक और राजनीतिक सफर अब ढाई दशक पूरा कर चुका है। इस मौके पर पीएम मोदी का आडवाणी से मिलना राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन के पुराने संबंधों को भी रेखांकित करता है। PM मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की मुलाकात की तस्वीर आई सामने बताते चले कि,

25 Years Modi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अक्टूबर 7, 2026

25 Years Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार में प्रमुख पद पर रहते हुए 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी से उनके आवास पर मुलाकात की। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 7 अक्टूबर 2001 को शपथ लेने के बाद शुरू हुआ पीएम मोदी का संवैधानिक और राजनीतिक सफर अब ढाई दशक पूरा कर चुका है। इस मौके पर पीएम मोदी का आडवाणी से मिलना राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन के पुराने संबंधों को भी रेखांकित करता है।

PM मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की मुलाकात की तस्वीर आई सामने

बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लालकृष्ण आडवाणी की मुलाकात की एक तस्वीर भी सामने आई है। तस्वीर में पीएम मोदी आडवाणी के साथ बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने आडवाणी के हाथ पर अपना हाथ रखा हुआ है। दोनों नेताओं की यह मुलाकात प्रधानमंत्री के 25 साल के राजनीतिक सफर के महत्वपूर्ण पड़ाव के बीच हुई, जिसने इसे खास बना दिया।

PM मोदी ने श्री विनायक मंदिर में किए दर्शन

लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में दर्शन किए। 25 साल के राजनीतिक सफर और राज्य से लेकर देश के नेतृत्व तक की यात्रा पूरी होने के मौके पर मंदिर पहुंचकर पीएम मोदी ने पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और देश की राजनीति में उनकी भूमिका की चर्चा भी प्रमुखता से हुई।

गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर

गुजरात के मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर

अपने 25 साल पूरे होने के मौके पर पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह भविष्य में इस मुकाम तक पहुंचेंगे। दिल्ली में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने ढाई दशक के सफर को लगातार सेवा की यात्रा बताया।

PM मोदी ने BJP और सहयोगियों का जताया आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगियों और राजनीतिक साथियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे सार्वजनिक जीवन की यात्रा अकेले संभव नहीं होती। इस दौरान संगठन, कार्यकर्ताओं, सहयोगियों और समर्थकों ने अलग-अलग स्तर पर उनका साथ दिया और उनकी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

‘यह उपलब्धि खुद की तारीफ का मौका नहीं’

‘यह उपलब्धि खुद की तारीफ का मौका नहीं’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 25 साल पूरे होना खुद की तारीफ करने का मौका नहीं है, बल्कि यह आभार व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन को निजी महत्वाकांक्षा से अधिक सेवा की भावना और एक मिशन से जोड़कर पेश किया। पीएम मोदी के भाषण में ‘सेवा’ का विचार प्रमुख रहा और उन्होंने अपने पूरे सार्वजनिक जीवन को इसी भावना से प्रेरित बताया।

समर्थकों और आलोचकों दोनों ने सिखाया

अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने समर्थकों और आलोचकों दोनों की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समर्थकों ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया, जबकि आलोचकों ने आत्ममंथन करने का अवसर दिया। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जिन लोगों ने उन्हें गिराने की कोशिश की, उन्हीं परिस्थितियों ने उन्हें दोबारा खड़े होकर आगे बढ़ना सिखाया।

25 साल पूरे होना आराम का पड़ाव नहीं

25 साल पूरे होना आराम का पड़ाव नहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि 25 साल पूरे होने को आराम करने का पड़ाव नहीं माना जाना चाहिए। इसके बजाय इसे सेवा के एक और चरण की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ेगा और इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।

आडवाणी से मुलाकात ने बढ़ाया राजनीतिक महत्व

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक नेतृत्व के अवसर पर लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात को उनकी राजनीतिक यात्रा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आडवाणी भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं में रहे हैं, जिनके दौर में पार्टी ने राष्ट्रीय राजनीति में अपना प्रभाव तेजी से बढ़ाया। ऐसे में मोदी का उनके आवास पर पहुंचना इस महत्वपूर्ण पड़ाव को और खास बनाता है।

सेवा से विकसित भारत तक पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी के 25 साल के राजनीतिक सफर के मौके पर दिए गए संदेश का केंद्र ‘सेवा’ और भविष्य का लक्ष्य रहा। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा को याद करते हुए उन्होंने इसे व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय जिम्मेदारी और निरंतर सेवा के रूप में पेश किया। साथ ही 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को आगे की यात्रा का प्रमुख संकल्प बताया।