Petrol- Diesel Price Today: देशभर में वाहन चालकों के लिए ईंधन की कीमतों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे संशोधित की जाती हैं, लेकिन 3 सितंबर को भी तेल कंपनियों ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ईंधन के दामों में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब साफ है कि आज भी गाड़ियों की टंकी फुल कराने के लिए आपको पुराने यानी कल वाले ही दाम चुकाने होंगे। यदि आप आज सफर पर निकलने की सोच रहे हैं और गाड़ी में पेट्रोल या डीजल डलवाने वाले हैं, तो देश के प्रमुख महानगरों और शहरों के ताजा खुदरा रेट जान लेना आपके लिए बेहद जरूरी है।
Canara Bank Customers Alert: 1 सितंबर से नए ATM चार्ज लागू, 5 फ्री ट्रांजैक्शन के बाद लगेगा
प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के दाम (प्रति लीटर)
देश के विभिन्न शहरों में वैट और स्थानीय करों के अलग-अलग होने के कारण ईंधन के भाव में अंतर देखने को मिलता है। 3 सितंबर को प्रमुख शहरों में पेट्रोल की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गई हैं:
दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल की कीमत सबसे अधिक 111.31 रुपये प्रति लीटर है।
कोलकाता में उपभोक्ताओं को इसके लिए 113.51 रुपये प्रति लीटर चुकाने होंगे।
चेन्नई में पेट्रोल का भाव 107.78 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।
हैदराबाद में यह 115.69 रुपये और पटना में 113.35 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
पोर्ट ब्लेयर में सबसे सस्ता पेट्रोल 88.66 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है।
रायपुर में पेट्रोल 108.30 रुपये और उदयपुर में 112.95 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
प्रमुख शहरों में डीजल के दाम (प्रति लीटर)
पेट्रोल के साथ-साथ डीजल की कीमतों में भी कोई फेरबदल नहीं किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों में डीजल के खुदरा मूल्य निम्नलिखित हैं:
दिल्ली में डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
मुंबई में इसकी कीमत 97.97 रुपये प्रति लीटर है।
कोलकाता में डीजल का भाव 99.82 रुपये और चेन्नई में 99.56 रुपये प्रति लीटर है।
हैदराबाद में यह सबसे महंगा 103.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
पटना में डीजल 99.36 रुपये, रायपुर में 101.32 रुपये और उदयपुर में 98.50 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
पोर्ट ब्लेयर में डीजल सबसे कम यानी 84.56 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है।
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के मुख्य कारण
भले ही आज कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई हो, लेकिन ईंधन के दाम बढ़ने के पीछे कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारक जिम्मेदार होते हैं। भारत अपनी कुल ऊर्जा और तेल जरूरतों का लगभग 85% हिस्सा आयात यानी विदेशों से खरीदकर पूरा करता है। जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल के दाम बढ़ते हैं, तो उसका सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की मूल कीमत में केंद्र सरकार द्वारा लगाई जाने वाली एक्साइज ड्यूटी और विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा वसूला जाने वाला वैट (VAT) जुड़ने के बाद इनकी कीमतें लगभग दोगुनी हो जाती हैं। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का पूरा कारोबार अमेरिकी डॉलर में किया जाता है, जिसके कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी भी आयात को काफी महंगा बना देती है।
सोने के दाम में गिरावट का सिलसिला जारी, चौथे दिन भी फिसला भाव; ₹1.50 लाख










