Petrol Diesel Price: देशभर में 10 जून को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज भी ईंधन के दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुई लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हाल के हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार इजाफा किया गया, जिसके चलते ईंधन की दरें मई 2022 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर भी महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि ईंधन कीमतों को लेकर राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है और कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं।
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दो हफ्तों में 7.5 रुपये तक महंगा हुआ ईंधन
हालांकि आज कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन पिछले दो सप्ताह के दौरान पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 मई के बाद से तेल कंपनियां चार बार कीमतें बढ़ा चुकी हैं। इस दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल मिलाकर लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है।
विशेष रूप से 25 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि की गई थी। लगातार हुई इस बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है और वाहन चालकों की चिंता बढ़ा दी है।
मार्च 2024 की राहत अब बेअसर
सरकार ने मार्च 2024 में पेट्रोल और डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली थी। लेकिन हालिया बढ़ोतरी ने उस राहत को लगभग खत्म कर दिया है।
ईंधन की मौजूदा कीमतें अब मई 2022 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं। लगभग दो वर्षों तक कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता बनी रही थी, लेकिन हाल की परिस्थितियों ने बाजार की दिशा बदल दी है।
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ी लागत का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।
जानकारों का मानना है कि तेल कंपनियों ने कुछ समय तक बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला था। बाद में इस अंतर की भरपाई करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कीमतों में बढ़ोतरी की गई, जिसके कारण पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़े।
कीमतों के खिलाफ बढ़ा विरोध
ईंधन और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कर्नाटक के कालाबुरगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और बढ़ती महंगाई पर चिंता जताई।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से कीमतों में राहत देने की मांग की।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। वहीं कोलकाता में पेट्रोल 113.47 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है।
चेन्नई, हैदराबाद, पटना, जयपुर और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में भी ईंधन की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ऐसे में वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने शहर के ताजा रेट की जानकारी लेकर ही ईंधन भरवाएं।
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