‘अब शांति मेरी जिम्मेदारी नहीं’ नोबेल पर भड़के ट्रंप, नॉर्वे PM को लिखा पत्र लीक

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर जुनून अब अपने अगले शिखर तक पहुंचता नजर आ रहा है। इस बार की नोबेल विजेता मचाडो ने भले ही उन्हें अपना नोबेल पदक सौंप दिया हो, लेकिन इसके बाद भी ट्रंप का नॉर्वे की नोबेल समिति को लेकर गुस्सा कम नहीं हुआ है। उन्होंने नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे को एक पत्र लिखकर कहा है कि अब, जबकि उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया है, तो वह 'केवल शांति' के बारे में सोचने की जरूरत महसूस नहीं करते हैं।   रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने

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Published On :

जनवरी 19, 2026

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वाशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर जुनून अब अपने अगले शिखर तक पहुंचता नजर आ रहा है। इस बार की नोबेल विजेता मचाडो ने भले ही उन्हें अपना नोबेल पदक सौंप दिया हो, लेकिन इसके बाद भी ट्रंप का नॉर्वे की नोबेल समिति को लेकर गुस्सा कम नहीं हुआ है। उन्होंने नॉर्वे के पीएम जोनास गहर स्टोरे को एक पत्र लिखकर कहा है कि अब, जबकि उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं दिया गया है, तो वह 'केवल शांति' के बारे में सोचने की जरूरत महसूस नहीं करते हैं।
 
रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्टोरे को लिखे एक पत्र में उन्हें नोबेल पुरस्कार न दिए जाने का जिक्र किया। इतना ही नहीं उन्होंने नोबेल समिति में नॉर्वे सरकार की भूमिका को अपनी विदेश नीति से भी जोड़ा। उन्होंने लिखा, "आपके देश ने मुझे 8 से अधिक युद्धों को रोकने के बावजूद नोबेल शांति पुरस्कार न देने का निर्णय लिया, इसलिए अब मुझे केवल शांति के बारे में सोचने की कोई बाध्यता महसूस नहीं होती, हालांकि शांति हमेशा सर्वोपरि रहेगी, लेकिन अब मैं इस बारे में सोच सकता हूं कि संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए क्या अच्छा और उचित है।"

ट्रम्प ने आगे ग्रीनलैंड पर डेनमार्क की संप्रभुता पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि न तो डेनमार्क और न ही मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाएं इस क्षेत्र को प्रमुख शक्तियों से बचा सकती हैं। उन्होंने कहा, "डेनमार्क अकेले चीन और रूस जैसी शक्तियों से ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता। वैसे भी उसके पास ग्रीनलैंड के स्वामित्व का कोई अधिकार क्यों है? उनके पास कोई लिखित दस्तावेज नहीं है। बस इतना है कि सैंकड़ों सालों पहले एक नाव ने वहां पड़ाव डाल लिया था, ऐसे तो हमारी भी सैकड़ों नावें वहां उतरती थीं।"

अमेरिका के लिए कुछ करे नाटो
नाटो में अमेरिका की भूमिका पर बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया, "नाटो की स्थापना के बाद से अमेरिका ने किसी भी अन्य देश की तुलना में इसके लिए अधिक काम किया है, और अब नाटो को भी संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए। जब तक ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण नहीं हो जाता, तब तक दुनिया सुरक्षित नहीं रहेगी।”

 

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