संसद में चीन मुद्दे पर टकराव: राहुल के दावे पर गरजे राजनाथ, दे डाला खुला चैलेंज

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती,

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Published On :

फ़रवरी 2, 2026

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नई दिल्ली
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयानपर लोकसभा में हंगामा मच गया है। उन्होंने सोमवार को पूर्व सेना प्रमुख मनोज नरवणे के नाम पर दावा करते हुए कहा कि डोकलाम में चीनी सेना के टैंक भारतीय सीमा के पास हैं। इसके लिए उन्होंने एक पुस्तक का हवाला देने की बात कही, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें चैलेंज कर दिया। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी को चुनौती दी और कहा कि आप बताएं कि आखिर यह पुस्तक प्रकाशित हुई भी है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी पुस्तक के आधार पर यहां बात नहीं की जा सकती, जो प्रकाशित ही नहीं हुई है। मैं राहुल गांधी को चुनौती देता हूं कि यह पुस्तक पब्लिश हुई थी या नहीं। अमित शाह ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई।
 
राहुल गांधी ने दावा किया था कि वह मनोज नरवणे की पुस्तक के आधार पर यह बात कह रहे हैं। इस पर डिफेंस मिनिस्टर ने कहा कि मैं चुनौती देता हूं कि वह पुस्तक को प्रस्तुत कर दें। यदि कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है तो फिर उसके आधार पर ऐसे दावे कैसे किए जा सकते हैं। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरणों का हवाला दिया है, जो प्रकाशित ही नहीं हुए हैं। इस पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या की स्पीच का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने भी इस सदन से बाहर के संदर्भों की बात की थी।

इस पर होम मिनिस्टर अमित शाह ने स्पष्ट किया कि तेजस्वी सूर्या ने किसी मीडिया रिपोर्ट या फिर विषय से हटकर किसी पुस्तक का जिक्र नहीं किया था। गृह मंत्री ने कहा कि उनकी स्पीच में 2004 से 2014 तक राष्ट्रपति के अभिभाषणों पर बात की थी। उसमें ऐसा कुछ भी नहीं था, जो आपत्तिजनक था। राजनाथ सिंह और अमित शाह के ऐतराज के बाद भी राहुल गांधी ने अपना आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कहा कि ये लोग तो आतंकवाद से लड़ने का दावा करते हैं, लेकिन एक कोट का जिक्र करने से डरते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि आखिर इसमें ऐसा क्या लिखा है कि यह सरकार उसका जिक्र तक नहीं करने देना चाहती।

अखिलेश यादव ने भी दिया दखल- बोलने देने से परेशानी क्या है?
राहुल गांधी की स्पीच को लेकर बवाल बढ़ा तो अखिलेश यादव भी खड़े हुए। उन्होंने कहा कि चीन का मसला संवेदनशील है और उससे सावधान रहने की जरूरत है। डॉ. लोहिया भी ऐसा कहते थे और मुलायम सिंह यादव भी उसे लेकर चिंतित थे। ऐसे में नेता विपक्ष यदि चीन को लेकर कुछ कहना चाहते हैं तो उन्हें रोकना नहीं चाहिए। वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि यदि किसी पुस्तक के प्रकाशन पर ही रोक लगी है तो फिर उसका जिक्र सदन में नहीं होना चाहिए। ऐसा करना गलत है और सदन की गरिमा के खिलाफ है। राहुल गांधी बार-बार इसी मसले पर बोलना चाहते थे, लेकिन सदन में लगातार हंगामा होता रहा और राजनाथ सिंह ने कई बार खड़े होकर ऐसी पुस्तक के जिक्र पर आपत्ति जताई, जो प्रकाशित ही नहीं हुई।

मैं आपका सलाहकार नहीं हूं, राहुल गांधी को स्पीकर की नसीहत
अंत में बवाल इतना बढ़ा कि राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि आप ही बता दीजिए कि मुझे क्या कहना है। इस पर स्पीकर ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मैं आपका सलाहकार नहीं हूं। लेकिन आपको उसी मुद्दे पर बात करनी चाहिए, जिस पर यहां चर्चा हो रही है।

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