Paramhans Acharya: परमहंस आचार्य का हैरान करने वाला दावा, ‘ट्रंप ने PM मोदी पर किया था वशीकरण, हमने मंत्रों से तोड़ा तंत्र-मंत्र’

परमहंस आचार्य का 'विस्फोटक' दावा: क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी विदेशी तंत्र-मंत्र के प्रभाव में थे? अयोध्या के जगतगुरु परमहंस आचार्य ने डोनाल्ड ट्रंप पर पीएम मोदी का 'वशीकरण' करने का आरोप लगाकर सनसनी मचा दी है। जानिए कैसे वैदिक मंत्रों के जरिए इस कथित वशीकरण को तोड़ने का दावा किया गया है।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 30, 2026

Paramhans Acharya: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के विवादित नियमों को लेकर देशभर में चर्चा चल रही थी। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। उच्चतम न्यायालय ने इन नियमों पर तत्काल रोक लगा दी और केंद्र सरकार तथा यूजीसी को निर्देश दिया कि वे नए सिरे से नियम तैयार करने के लिए एक विशेष समिति गठित करें। न्यायालय ने कहा कि नए प्रावधानों में व्यापक परामर्श और सामाजिक प्रभाव का ध्यान रखा जाए।

अयोध्या के संत ने किया अजीबोगरीब दावा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच अयोध्या के संत परमहंस आचार्य ने सोशल मीडिया पर अजीबोगरीब दावा कर तहलका मचा दिया। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंत्र-मंत्र के जरिए वशीकरण किया था। इसके चलते यूजीसी ने विवादित नियम बनाए। आचार्य का दावा था कि उनके वैदिक मंत्रों ने इस तंत्र-मंत्र के प्रभाव को समाप्त कर दिया।

विदेशी ताकतों को पीएम मोदी से जलन

मीडिया से बातचीत में आचार्य ने बताया कि यूजीसी नियमों के पीछे कोई तार्किक कारण नहीं था। उन्होंने ध्यान और चिंतन के दौरान महसूस किया कि पीएम मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से जलन महसूस करने वाली विदेशी ताकतों ने तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। इस संदर्भ में उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी चर्चा की। आचार्य का कहना था कि मोदी पर वशीकरण का असर समाप्त करने के लिए उन्होंने अयोध्या में वैदिक मंत्रों का सामूहिक पाठ कराया।

यूजीसी नियमों पर पहले भी थे तीखे

आचार्य पहले भी यूजीसी के नियमों को लेकर काफी आक्रामक रहे हैं। उनका कहना था कि ये नियम हिंदू समाज को विभाजित करने के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने चेताया था कि इन नियमों के लागू होने से देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बन सकती है। उनके अनुसार बहन-बेटियों पर अत्याचार बढ़ेंगे और भाजपा का राजनीतिक नुकसान होगा।आचार्य ने यहां तक कहा कि अगर नियम नहीं हटाए गए तो वे इच्छामृत्यु लेने का विचार कर सकते हैं। उन्होंने बिहार चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि यदि यह नियम पहले लागू होते तो भाजपा भारी नुकसान उठाती। उनके इस बयान ने मीडिया और जनता में व्यापक चर्चा पैदा कर दी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बदलाव

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और नियमों पर रोक लगने के बाद आचार्य का लहजा बदल गया। उन्होंने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुशलता और देश के विकास के लिए पूजा और आस्था का भरोसा जताया। उनका कहना था कि अब वे मोदी पर विश्वास रखते हैं और आशा करते हैं कि ऐसा कोई कानून नहीं बनेगा जो देश की प्रगति को प्रभावित करे।इस घटना ने साबित कर दिया कि यूजीसी नियमों को लेकर विवाद और न्यायिक हस्तक्षेप ने राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक दृष्टिकोण से व्यापक बहस छेड़ दी है। आचार्य परमहंस के वैदिक मंत्रों वाले दावे ने मीडिया में न सिर्फ हलचल मचाई, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर जनता में जागरूकता भी बढ़ाई।

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