Pappu Yadav Controversial Remark on Women: पप्पू यादव के ‘स्त्री-विरोधी’ बयान पर बवाल: महिला आयोग ने भेजा नोटिस, BJP ने बताया ‘मानसिकता का दिवालियापन’

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं और राजनीति को लेकर दिए गए विवादित बयान पर देश भर में आक्रोश है। यादव ने दावा किया कि 90% महिलाएं बिना शोषण के राजनीति में नहीं आ सकतीं। इस टिप्पणी के बाद बिहार महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है, वहीं भाजपा ने इसे विपक्ष की घटिया मानसिकता करार दिया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 21, 2026

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Pappu Yadav Controversial Remark on Women: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने एक बेहद विवादास्पद बयान के कारण चौतरफा घिर गए हैं। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान उनके द्वारा महिलाओं की राजनीति में भूमिका और उनके चरित्र को लेकर की गई टिप्पणी ने देश भर में राजनीतिक भूचाल ला दिया है। इस बयान के बाद जहां भाजपा ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है, वहीं बिहार राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए सांसद को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

सांसद का विवादित बयान

बताते चले कि, महिला आरक्षण विधेयक के संदर्भ में बोलते हुए पप्पू यादव ने राजनीति में सक्रिय महिलाओं को लेकर अपमानजनक दावा किया। उन्होंने कहा कि “अमेरिका से लेकर भारत तक, 90% महिलाएं किसी पुरुष नेता के कमरे में समय बिताए बिना राजनीति में नहीं आ सकती।” उन्होंने ने पुरुष नेताओं को ‘गिद्ध’ करार देते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं का शोषण अब एक राजनीतिक संस्कृति बन गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेताओं के कमरों की सीसीटीवी फुटेज इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर सकती है। इस बयान के सार्वजनिक होते ही संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

भाजपा का तीखा प्रहार

पप्पू यादव की इस स्त्री-द्वेषी मानसिकता पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अख्तियार किया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे विपक्षी दलों की असली सोच बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान न केवल अपमानजनक है, बल्कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों के महिला-विरोधी चरित्र को दर्शाता है। पूनावाला ने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले सांसद द्वारा महिलाओं की योग्यता को इस तरह कमतर आंकना देश की आधी आबादी का अपमान है।

राधिका खेरा और चारू प्रज्ञा ने उठाए सवाल

भाजपा नेता चारू प्रज्ञा और वकील राधिका खेरा ने इस टिप्पणी को संघर्षशील महिलाओं के प्रति अपमान करार दिया। राधिका खेरा ने कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि पप्पू यादव का यह कुत्सित चेहरा हर उस महिला के चरित्र पर तेजाब फेंकने जैसा है जो अपनी मेहनत से राजनीति में मुकाम हासिल करती है। उन्होंने यादव को याद दिलाया कि उनकी स्वयं की पत्नी भी संसद का हिस्सा रही हैं, ऐसे में महिलाओं की गरिमा को ‘बिस्तर’ से जोड़ना उनकी संकीर्ण सोच को दर्शाता है। चारू प्रज्ञा ने इसे लोकतंत्र की त्रासदी बताया कि ऐसे विचारों वाला व्यक्ति बार-बार सांसद चुना जाता है।

महिला आयोग का कड़ा एक्शन

इस पूरे प्रकरण में बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सांसद पप्पू यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सांसद का वायरल वीडियो महिलाओं की गरिमा का घोर उल्लंघन है। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि सांसद का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। आयोग की इस सख्त कार्रवाई ने पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि अब इस मामले में संवैधानिक संस्थाएं भी जवाबदेही तय करने में जुट गई हैं।

महिला आरक्षण और विपक्ष की भूमिका पर बढ़ता विवाद

यह विवाद उस समय पैदा हुआ है जब देश में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर बहस छिड़ी हुई है। विपक्ष द्वारा इस बिल को परिसीमन से जोड़ने का विरोध किया जा रहा था, लेकिन पप्पू यादव के इस व्यक्तिगत और भद्दे बयान ने पूरे मुद्दे को एक अलग दिशा दे दी है। विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से न केवल पप्पू यादव की छवि धूमिल हुई है, बल्कि उनके साथ सहानुभूति रखने वाले विपक्षी दलों को भी रक्षात्मक मुद्रा में आने पर मजबूर कर दिया है।