Panjokhra Sahib controversy : FIR के बाद भी हाईवे जाम, पुलिस लाठीचार्ज से बढ़ा तनाव

अंबाला के पंजोखरा साहिब विवाद में FIR दर्ज होने के बाद भी विरोध खत्म नहीं हुआ। सिख संगत ने हिरासत में लिए युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर हाईवे जाम रखा। बातचीत विफल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। झड़प में कई लोग घायल हुए और एक DSP भी गंभीर रूप से घायल हुआ।

Panjokhra Sahib controversy

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 14, 2026

Panjokhra Sahib controversy : हरियाणा के अंबाला में पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर शुक्रवार को माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में सिख संगत सड़क पर उतर आई। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

गुरसिमरन सिंह मंड पर कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रही सिख संगत की मुख्य मांग थी कि पंजोखरा साहिब विवाद के मामले में गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घटना के कई दिन बीतने के बावजूद पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी मुद्दे पर बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंजाब से भी बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने की जानकारी सामने आई।

हाईवे जाम करने का किया गया ऐलान

बैठक के बाद संगत ने नेशनल हाईवे जाम करने का निर्णय लिया। प्रदर्शनकारी जब गुरुद्वारा साहिब से हाईवे की ओर बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने के बजाय आगे बढ़ते रहे और आखिरकार हाईवे पर पहुंचकर जाम लगा दिया।

शाम तक दर्ज हुई एफआईआर

प्रदर्शनकारियों के बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने शाम तक गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। एफआईआर दर्ज होने के बाद उम्मीद थी कि प्रदर्शनकारी अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे और हाईवे पर यातायात सामान्य हो जाएगा। हालांकि, इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से एक नई मांग सामने आ गई, जिसके कारण विवाद और लंबा खिंच गया।

हिरासत में लिए युवाओं की रिहाई की मांग

एफआईआर दर्ज होने के बाद सिख संगत ने पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सिख युवाओं को तत्काल रिहा करने की मांग शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब उनकी मुख्य मांग पूरी हो चुकी है, तो हिरासत में लिए गए युवाओं को भी बिना देरी छोड़ा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों और सिख प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी।

रात में बढ़ाई गई पुलिस की मौजूदगी

समय बीतने के साथ हाईवे पर पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली कर यातायात बहाल करने की अपील की। अधिकारियों की ओर से रास्ता खाली करने के निर्देश दिए गए, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर कायम रहे। बातचीत विफल होने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

आंसू गैस और लाठीचार्ज से खुला हाईवे

प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। कार्रवाई के बाद हाईवे पर मौजूद संगत को हटाया गया और सड़क पर लगा जाम खुलवाया गया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी देर तक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यातायात व्यवस्था को सामान्य करने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए रखी।

कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर

पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर भी सामने आई है। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल मौके पर हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन विवाद को लेकर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

अब युवाओं की रिहाई पर टिकी नजर

पंजोखरा साहिब विवाद में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर हैं। पुलिस और सिख प्रतिनिधियों के बीच आगे होने वाली बातचीत से यह तय होगा कि हिरासत में लिए गए युवाओं को कब रिहा किया जाता है और इलाके में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में कितना समय लगेगा।

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