Panama Earthquake : मध्य अमेरिकी देश पनामा में शक्तिशाली भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिणी पनामा में 7.7 और 6.6 तीव्रता के दो बड़े भूकंप आए। इसके बाद कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए। झटके लगते ही लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। कई क्षेत्रों में इमारतों को नुकसान पहुंचने और सड़कों पर दरारें पड़ने की खबर सामने आई है।
हेर्रेरा प्रांत के पास आया सबसे शक्तिशाली झटका
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी यूएसजीएस के हवाले से बताया गया कि सबसे शक्तिशाली भूकंप हेर्रेरा प्रांत में पितालोसा अरिबा के दुर्गम इलाके से लगभग 10 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में आया। इसकी गहराई जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताई गई। भूकंप की तीव्रता 7.7 दर्ज होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, वास्तविक तीव्रता और दोनों बड़े झटकों के विवरण की पुष्टि संबंधित आधिकारिक भूकंप रिकॉर्ड से करना जरूरी है।

45 से अधिक आफ्टरशॉक किए गए दर्ज
मुख्य भूकंप के बाद क्षेत्र में लगातार आफ्टरशॉक आने से लोगों की चिंता बढ़ गई। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 5.8, 5.5 और 5.2 तीव्रता के झटके भी शामिल थे। पनामा विश्वविद्यालय के भूकंप विज्ञानियों ने 45 से अधिक आफ्टरशॉक दर्ज किए। इनमें से कई झटके इतने कमजोर थे कि लोगों को उनका एहसास नहीं हुआ। लगातार झटकों के कारण प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की जरूरत महसूस की गई।
कई इमारतें क्षतिग्रस्त, मौतों की पुष्टि नहीं
भूकंप के कारण कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचने और सड़कों पर बड़ी दरारें पड़ने की सूचना मिली। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, तत्काल किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा कि अधिकारियों को उस समय तक किसी की मौत की जानकारी नहीं मिली थी। प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

तीन प्रांतों में नुकसान, ऐतिहासिक चर्च भी प्रभावित
राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा सेवा के अधिकारी ओमार स्मिथ के अनुसार, नुकसान की खबरें मुख्य रूप से वेरागुआस, हेर्रेरा और लॉस सैंटोस प्रांतों से आईं। राजधानी पनामा सिटी में नुकसान की सूचना नहीं मिली। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में लॉस सैंटोस स्थित ऐतिहासिक सैन अतानासियो चर्च के ढहने की जानकारी दी गई। इस चर्च को 1938 में राष्ट्रीय ऐतिहासिक धरोहर घोषित किया गया था। वहीं, वेरागुआस में सड़कों पर लंबी और गहरी दरारें देखे जाने की खबर सामने आई।
इंडोनेशिया में भी आया था भूकंप
इससे पहले 4 अक्टूबर को इंडोनेशिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की खबर थी। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, उस भूकंप की तीव्रता 5.2 थी और यह जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे आया था। रिपोर्ट में किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं दी गई थी। पनामा की घटना के बाद एक बार फिर भूकंप से जुड़े खतरे और आपातकालीन तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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