अपने ही जाल में फंसा पाकिस्तान: आतंकवाद ने बनाया दुनिया का सबसे असुरक्षित देश

इस्लामाबाद पाकिस्तान को ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद से प्रभावित देश घोषित किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से संबंधित मौतों की संख्या में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 1139 तक पहुंच गई। यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे अधिक है। देश में कुल 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले वर्ष की तुलना में मौतों में लगातार छठे साल वृद्धि देखी गई। पाकिस्तान का स्कोर 8.574 रहा, जिसने इसे बुर्किना फासो को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान दिलाया।

Wrriten By :

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Published On :

मार्च 22, 2026

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इस्लामाबाद
पाकिस्तान को ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पहली बार दुनिया का सबसे अधिक आतंकवाद से प्रभावित देश घोषित किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से संबंधित मौतों की संख्या में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 1139 तक पहुंच गई। यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे अधिक है। देश में कुल 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले वर्ष की तुलना में मौतों में लगातार छठे साल वृद्धि देखी गई। पाकिस्तान का स्कोर 8.574 रहा, जिसने इसे बुर्किना फासो को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान दिलाया।

रिपोर्ट में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों का लगभग 70 प्रतिशत सिर्फ पांच देशों (पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो) में हुआ। पाकिस्तान में आतंकवाद का प्रभाव विशेष रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में केंद्रित रहा, जहां 74 प्रतिशत से अधिक हमले और 67 प्रतिशत मौतें हुईं। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) की बढ़ती गतिविधियां हैं, जिसे पाकिस्तान में सबसे घातक आतंकी संगठन माना गया है और वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे खतरनाक गुट है। 2025 में टीटीपी ने 595 हमले किए, जो पिछले वर्ष से 24 प्रतिशत अधिक हैं और इनमें 637 लोगों की मौत हुई, यह 2011 के बाद सबसे ज्यादा है। टीटीपी 2009 से पाकिस्तान में कुल हमलों का 67 प्रतिशत से अधिक जिम्मेदार है और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) से पांच गुना अधिक हमले करता है। रिपोर्ट में कहा गया कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी ने पाकिस्तान की सुरक्षा को गहरा प्रभावित किया है, जिससे TTP को सीमा पार से समर्थन और ऑपरेशनल क्षमता मिली।

कैसे जाल में फंसता गया पाकिस्तान
इसके अलावा, 2025 में बंधक बनाने की घटनाओं में भारी उछाल आया, जहां 101 से बढ़कर 655 लोग बंधक बने, जिसमें जाफर एक्सप्रेस हमले में अकेले 442 लोग शामिल थे। पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों में तनाव को भी आतंकवाद वृद्धि का बड़ा कारक बताया गया है। खैबर पख्तूनख्वा अफगान सीमा से सटा हुआ है, वहां टीटीपी के हमले सबसे अधिक केंद्रित रहे। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में टीटीपी का एक बड़ा हमला सैन्य बलों पर हुआ, जिसमें 21 लोग मारे गए।

वैश्विक स्तर पर चार सबसे घातक संगठनों में केवल टीटीपी ही ऐसा था जिसकी गतिविधियां बढ़ीं, जबकि अन्य में कमी आई। पाकिस्तान में आंतरिक सुरक्षा की कमी खासकर इन दो प्रांतों में स्पष्ट दिखाई देती है, जहां सरकार का नियंत्रण कमजोर है। यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि 2025 में यह दूसरे स्थान पर था, लेकिन एक साल में स्थिति और खराब हो गई। रिपोर्ट में दक्षिण एशिया को आतंकवाद से सबसे प्रभावित क्षेत्र बताया गया है, जहां पाकिस्तान अकेला देश है जहां स्थिति बिगड़ी, जबकि भारत सहित अन्य देशों में सुधार देखा गया।

 

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