Asian Champions Trophy Hockey : भारतीय हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और इसके साथ ही 2028 पेरिस ओलंपिक के लिए अपनी जगह भी पक्की कर ली। अब टीम की नजरें अगले बड़े टूर्नामेंट एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पर हैं, जिसका आयोजन इस बार भारत में होने जा रहा है।
भारत में होगा हॉकी का बड़ा टूर्नामेंट
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट के जरिए पंजाब में करीब दो दशक बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होने जा रही है। घरेलू मैदान पर खेलने के कारण भारतीय टीम से प्रशंसकों को काफी उम्मीदें रहेंगी।

पाकिस्तान ने भारत आने से किया इनकार
टूर्नामेंट के ऐलान के बाद पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने भारतीय जमीन पर खेलने से इनकार कर दिया था। पाकिस्तान की ओर से एशियाई हॉकी महासंघ के सामने टूर्नामेंट को किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित करने की मांग रखी गई थी। हालांकि इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया।
पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश को मौका
एशियाई हॉकी महासंघ ने पाकिस्तान की मांग को खारिज करते हुए उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इसके बाद बांग्लादेश को मुख्य प्रतियोगिता में छठी टीम के तौर पर शामिल किया गया है। बांग्लादेश और ओमान को रिजर्व टीमों में रखा गया था, लेकिन पाकिस्तान के हटने के बाद बांग्लादेश को मौका मिल गया।
छह टीमें खिताब के लिए उतरेंगी
हॉकी इंडिया की ओर से जारी जानकारी के अनुसार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के अलावा जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। पाकिस्तान की गैरमौजूदगी से टूर्नामेंट का समीकरण जरूर बदला है, लेकिन भारतीय टीम के सामने एशिया की मजबूत टीमों से मुकाबला करने की चुनौती बरकरार रहेगी।

2023 के बाद पाकिस्तान की राह बंद
पाकिस्तान ने आखिरी बार 2023 में भारत में आयोजित एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। उस टूर्नामेंट में छह टीमों के बीच पाकिस्तान पांचवें स्थान पर रहा था। अब 2026 संस्करण में उसकी जगह बांग्लादेश लेगा। इससे भारत-पाकिस्तान मुकाबले का इंतजार कर रहे हॉकी प्रशंसकों को निराशा हुई है।
भारत चार बार जीत चुका है खिताब
भारतीय हॉकी टीम एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब चार बार अपने नाम कर चुकी है। हाल ही में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय खिलाड़ी पांचवीं बार ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे।
कोच क्रेग फुल्टन ने साफ किया लक्ष्य
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कहा कि एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतना निश्चित रूप से विशेष उपलब्धि थी, लेकिन अब वह अतीत का हिस्सा है। टीम का पूरा ध्यान एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पर है और खिलाड़ी एशियन गेम्स में दिखाई गई लय को आगे भी बरकरार रखने की कोशिश करेंगे।

घरेलू मैदान पर भारत की बड़ी परीक्षा
भारत को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने की उम्मीद है, लेकिन जापान, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया जैसी टीमों के खिलाफ मुकाबले आसान नहीं होंगे। एशियाई हॉकी में लगातार प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और हर टीम खिताब पर नजर लगाए हुए है। ऐसे में भारत के लिए टूर्नामेंट अपनी तैयारियों को परखने का अहम मौका होगा।
ओलंपिक क्वालिफिकेशन के बाद अगला लक्ष्य
एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर भारत ने 2028 ओलंपिक का टिकट हासिल कर लिया है। अब एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी टीम के लिए अपनी कमियों को दूर करने और मजबूत संयोजन तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच होगी। घरेलू मैदान पर खिताब जीतना भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ा सकता है।










