Pakistan Fake Claims : दुनियाभर में अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाला पाकिस्तान इस बार अपने कमजोर भूगोल ज्ञान के कारण मजाक का पात्र बन गया है। पड़ोसी मुल्क ने कागजों पर जीत हासिल करने की अपनी पुरानी आदत को दोहराते हुए भारत के उन एयरबेस को मिसाइल से उड़ाने का दावा कर दिया, जो असलियत में भारत के नक्शे पर हैं ही नहीं। इस झूठे दावे की पोल खुलने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की जमकर थू-थू हो रही है।
तनाव की पृष्ठभूमि: क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला पिछले साल पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले से जुड़ा हुआ है। उस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर पहुंच गया था। भारत की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए इस्लामाबाद ने भारतीय शहरों और रणनीतिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की नाकाम कोशिश की थी। इस दौरान पाकिस्तान ने भारत की सीमा में कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे।
हवा में ढेर हुई पाकिस्तानी ‘फतह-1’ मिसाइल
इसी तनाव के बीच, पाकिस्तानी सेना ने 10 मई 2025 को अपनी आधुनिक ‘फतह-1’ (Fatah-1) गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट प्रणाली का इस्तेमाल किया था। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह भारत को भारी नुकसान पहुंचाएगा, लेकिन भारत के अचूक और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम ने उसके इन मंसूबों पर पानी फेर दिया। भारतीय रक्षा प्रणाली ने इस पाकिस्तानी मिसाइल को हरियाणा के सिरसा के ऊपर आसमान में ही इंटरसेप्ट किया और हवा में ही मार गिराकर पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया था।
पाक अफसर का खोखला दावा और वीडियो वायरल
अब इस घटनाक्रम के महीनों बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस इंटरव्यू वीडियो में वह सैन्य अधिकारी बेहद आत्मविश्वास के साथ झूठ बोलता नजर आ रहा है। उसका दावा है कि 10 मई को किए गए मिसाइल हमलों में पाकिस्तानी सेना ने दो भारतीय एयरबेस को सफलतापूर्वक तबाह कर दिया था। हालांकि, हास्यास्पद बात यह है कि जिन दो ठिकानों के नाम उसने लिए, हकीकत में उनका कोई वजूद ही नहीं है।
राजौरी और मामून: भूगोल की खुली पोल
इंटरव्यू में पाकिस्तानी सेना के कैप्टन मुनीब जमाल ने बड़े गर्व से कहा, “हमें दो टारगेट दिए गए थे—राजौरी एयरबेस और मामून एयरबेस। हमने इन दोनों पर सफलतापूर्वक सटीक निशाना साधा।” अब सच जानिए: राजौरी जम्मू-कश्मीर का एक संवेदनशील जिला जरूर है, लेकिन वहां भारतीय वायुसेना का कोई भी ऑपरेशनल एयरबेस मौजूद नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, मामून पंजाब के पठानकोट में स्थित एक सैन्य छावनी (आर्मी कैंट) है, न कि कोई एयरबेस। कैप्टन मुनीब ने यह अजीब दावा भी किया कि मिसाइल लॉन्चिंग के वक्त वहां मौजूद आम नागरिकों की भीड़ ने उनका हौसला बढ़ाया था।
सोशल मीडिया पर उड़ीं धज्जियां, जमकर ट्रोलिंग
इस खोखले दावे का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तानी सेना को आड़े हाथों ले लिया। एक्स (ट्विटर) और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर पाकिस्तानी अधिकारी को बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है। एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “अब दुनिया के नामी आर्कियोलॉजिस्ट, नक्शा बनाने वाले, गूगल मैप्स की टीम और भारतीय वायुसेना मिलकर एक जॉइंट मिशन चला रहे हैं, ताकि पाकिस्तान द्वारा खोजे गए इस रहस्यमयी ‘राजौरी और मामून एयरबेस’ को ढूंढा जा सके।”
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