ईरान संकट पर पाकिस्तान सतर्क, रक्षा मंत्री का बयान—युद्ध भड़का तो पड़ेंगे गंभीर असर

इस्लामाबाद ईरान पर हमलों का विरोध पाकिस्तान में हिंसक भी हुआ। अमेरिकी दूतावास को निशाने पर भी लिया गया, तो सांसदों ने भी विरोध के सुर बुलंद किए। संसद में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के संबोधन के दौरान भी 'जाली बोर्ड ऑफ पीस से बाहर निकलो' के नारे लगे। वहीं, अब तो रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहना शुरू कर दिया है कि जंग पाकिस्तान के लिए खतरनाक है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में जायनिज्म (यहूदियों का आंदोलन) को मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता की मुख्य वजह बताया है और इसे मानवता के लिए

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Published On :

मार्च 3, 2026

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इस्लामाबाद
ईरान पर हमलों का विरोध पाकिस्तान में हिंसक भी हुआ। अमेरिकी दूतावास को निशाने पर भी लिया गया, तो सांसदों ने भी विरोध के सुर बुलंद किए। संसद में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के संबोधन के दौरान भी 'जाली बोर्ड ऑफ पीस से बाहर निकलो' के नारे लगे। वहीं, अब तो रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी कहना शुरू कर दिया है कि जंग पाकिस्तान के लिए खतरनाक है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में जायनिज्म (यहूदियों का आंदोलन) को मुस्लिम दुनिया में अस्थिरता की मुख्य वजह बताया है और इसे मानवता के लिए खतरा बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि ईरान पर चल रहा युद्ध पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन की जमीन पर इजरायल के कायम होने से लेकर आज तक इस्लामी दुनिया पर जो भी बड़ी-बड़ी मुसीबतें आई हैं, जो भी युद्ध थोपे गए हैं, उनमें जायनिस्ट विचारधारा और इजरायल का सीधा हाथ दिखता है।

ख्वाजा आसिफ ने ईरान के बारे में कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार था, इसके बावजूद उन पर युद्ध थोपा गया है। यह सब जायनिस्ट एजेंडा का हिस्सा है, जिसमें इजराइल का प्रभाव पाकिस्तान की सरहद तक लाने की कोशिश शामिल है। अफगानिस्तान, ईरान और भारत को मिलाकर पाकिस्तान विरोधी एजेंडा बनाया जा रहा है, ताकि पाकिस्तान की सरहदें असुरक्षित हो जाएं, हर तरफ से दुश्मन घेर लें और पाकिस्तान कमजोर हो जाए।

वहीं, पाकिस्तान की पूर्व राजदूत ने पीस बोर्ड से हटने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि शरीफ सरकार को ट्रंप का गाजा बोर्ड छोड़ देना चाहिए। पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने कहा कि नवाज शरीफ की सरकार को ट्रंप के बनाए “बोर्ड ऑफ पीस” से बाहर निकल जाना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान को शुरुआत में ही इस बोर्ड में शामिल नहीं होना चाहिए था। लोधी ने आरोप लगाया कि "ट्रंप सरकार कई देशों पर हमले कर चुकी है और गाजा में इजरायली कार्रवाई में उसकी भूमिका रही है।"

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