PAK Handler Shehzad Bhatti: UP पुलिस ने कार्रवाई का दिया ब्योरा, आतंकी नेटवर्क घोषित करने की मांग

पाकिस्तान स्थित हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर यूपी पुलिस ने कार्रवाई का ब्योरा सामने रखा है। यूपी में एजेंसियों ने कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। अब इस पूरे नेटवर्क को आतंकी नेटवर्क घोषित करने की मांग तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच आगे बढ़ा रही हैं।

PAK Handler Shehzad Bhatti

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 20, 2026

PAK Handler Shehzad Bhatti : उत्तर प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तान के कथित कुख्यात गैंगस्टर और आतंकी हैंडलर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी ISI के इशारे पर संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी, जिसका उद्देश्य देश की सुरक्षा, एकता और सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचाना था।

युवाओं को पैसे और काम का लालच देने का आरोप

यूपी पुलिस के अनुसार, शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी युवाओं को पैसे तथा काम का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करते थे। पुलिस का दावा है कि शुरुआत में युवाओं से रेकी, धमकी, आगजनी, पेट्रोल बम फेंकने और कथित आपत्तिजनक पोस्टर लगाने जैसे काम करवाए जाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को धीरे-धीरे बड़े और गंभीर अपराधों के लिए तैयार करना था।

नेटवर्क में कई लोगों के शामिल होने का दावा

पुलिस द्वारा जारी जानकारी में शहजाद भट्टी के अलावा आबिद जट्ट, हम्माद मेमन, जावेद पाकिस्तानी, रजा भाई, अजमल गुर्जर, राशिद भट्टी और राणा हुनैन समेत कई नामों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मेजर इकबाल, मेजर हमीद और मेजर अनवर के नाम भी नेटवर्क से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी की भूमिकाओं और नेटवर्क के आपसी संपर्कों की जांच की जा रही है।

हिंदू नेताओं और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का आरोप

यूपी पुलिस के अनुसार, नेटवर्क के कथित निशाने पर एक्स-मुस्लिम, हिंदू नेता, राजनेता, पुलिसकर्मी तथा बीजेपी और आरएसएस से जुड़े कार्यालय रहे हैं। इसके अलावा पुलिस स्टेशनों को भी संभावित निशाने के रूप में चिन्हित किए जाने का दावा किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, इन गतिविधियों का मकसद भय और अस्थिरता का माहौल पैदा करना था। हालांकि, सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

12 एफआईआर में 52 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के खिलाफ अब तक कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्रवाई के दौरान पिस्तौल, कारतूस, चाकू, ज्वलनशील पदार्थ और कथित आपत्तिजनक पोस्टर बरामद किए जाने का दावा किया गया है। इसके अतिरिक्त करीब 60 अन्य संदिग्धों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी हुई पूछताछ

पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर 62 संदिग्ध लोगों को चिन्हित कर उनसे पूछताछ की गई। अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील समय को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। इससे पहले 26 मई 2026 को केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए 175 संदिग्धों की जांच भी की गई थी।

UAPA के तहत कार्रवाई की मांग

यूपी पुलिस ने जुलाई 2026 में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर शहजाद भट्टी नेटवर्क और उससे जुड़े सदस्यों को UAPA, 1967 के तहत आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन या व्यक्ति घोषित करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क की गतिविधियों और सामने आए मामलों की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

कई मामलों में UAPA और BNS की धाराएं

पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, लखनऊ ATS थाने में दर्ज मामलों में BNS की विभिन्न धाराओं के साथ UAPA और Arms Act की धाराएं लगाई गई हैं। इनमें केस संख्या 102/2026, 203/2026, 304/2026, 406/2026, 507/2026, 608/2026, 710/2026 और 812/2026 शामिल हैं। इन मामलों में कथित आपराधिक गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

हापुड़ और गाजियाबाद में भी दर्ज मामले

पुलिस के अनुसार, केस संख्या 990/2026 धौलाना, हापुड़ और 1076/2026 कौशाम्बी, गाजियाबाद में दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में BNS के साथ Official Secrets Act की धाराओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा बिजनौर के किरतपुर थाने में केस संख्या 157/2026 और नांगल थाने में केस संख्या 156/2025 दर्ज है, जिनमें Arms Act और IT Act की धाराएं शामिल हैं।

जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी

यूपी पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की फंडिंग, सोशल मीडिया संपर्क, संभावित सहयोगियों और आपराधिक गतिविधियों की कड़ियों की जांच जारी है। पुलिस द्वारा जारी विवरण में लगाए गए आरोप जांच और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि नेटवर्क का देश के भीतर कितना विस्तार था और इसमें कितने लोग सक्रिय रूप से जुड़े थे।

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