UP Politics: बाबा विश्वनाथ, राम मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मभूमि… राजभर ने अखिलेश को किन मुद्दों पर घेरा?

वाराणसी दौरे पर पहुंचे अखिलेश यादव को लेकर यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा हमला बोला है। राजभर ने बाबा विश्वनाथ, अयोध्या के राम मंदिर और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। कांग्रेस और गठबंधन को लेकर भी उन्होंने निशाना साधा।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। इस बार निशाने पर अखिलेश यादव का वाराणसी दौरा है। राजभर ने सवाल उठाया कि अखिलेश यादव काशी तो आ रहे हैं, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दरबार में जाने की हिम्मत क्यों नहीं दिखा रहे हैं? उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके अखिलेश पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया है।

अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे पर ओपी राजभर का तंज

अखिलेश यादव के वाराणसी दौरे पर ओपी राजभर का तंज

ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आज उनके जिले बनारस आ रहे हैं, लेकिन अफसोस है कि वह बाबा विश्वनाथ के दरबार में जाकर शीश नवाने की हिम्मत नहीं दिखा रहे हैं। राजभर ने अपने पोस्ट में अयोध्या और मथुरा का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले अखिलेश यादव अयोध्या गए थे, लेकिन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के पास से भी मुंह घुमाकर निकल गए। इसी तरह मथुरा जाने पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर की तरफ देखने से भी उन्हें परेशानी होती है। राजभर ने इन बातों के जरिए सपा प्रमुख की धार्मिक यात्राओं और राजनीतिक रुख पर सवाल खड़े किए।

सावन में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक का निमंत्रण भी याद दिलाया

ओपी राजभर ने अपने बयान में काशी के यदुवंशी समाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सावन के महीने में काशी का यदुवंशी समाज सबसे पहले बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करता है। पिछले साल अखिलेश यादव को भी इस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन वह किसी न किसी बहाने से कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

सावन में बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक का निमंत्रण भी याद दिलाया

राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि जब भगवान की आज्ञा होती है, तभी इंसान को उनके पावन स्वरूप के दर्शन मिलते हैं। उनके इस बयान को अखिलेश यादव पर धार्मिक मुद्दों को लेकर सियासी दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

‘मस्जिद, मजार और दरगाह में ही क्यों लगता है आपका मन?’

अपने दूसरे पोस्ट में ओपी राजभर ने अखिलेश यादव पर और तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि सपा प्रमुख को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर क्यों प्रभु श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वेश्वर के दरबार में जाने को लेकर सवाल उठते हैं। राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का मन मस्जिद, मजार, ईदगाह, दरगाह और कब्रिस्तान में ही लगता है। उन्होंने सपा प्रमुख को नसीहत देते हुए कहा कि इतनी भी तुष्टिकरण वाली राजनीति नहीं करनी चाहिए कि हिंदू समाज नाराज हो जाए।

अखिलेश को दी कांग्रेस से अलग राजनीतिक स्टैंड रखने की सलाह

ओपी राजभर ने इससे पहले भी सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को लेकर एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने सपा प्रमुख को डरकर राजनीति करने के बजाय अपना राजनीतिक रुख साफ करने की सलाह दी थी। राजभर ने कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, ‘अखिलेश यादव जी, लगता है मैंने जो सुबह कहा था, वह आपको शाम तक समझ आ गया। आखिर कब तक दबकर राजनीति करेंगे? अब बड़के भईया से डरना नहीं है। यही समय है, सही समय है। कम से कम बड़के भईया का झंडा उठाना तो बंद करिए।’

सीट बंटवारे को लेकर भी अखिलेश पर कसा तंज

राजभर ने अपने पोस्ट में आगे कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि रैली करने के बाद बड़के भईया थाईलैंड, वियतनाम या मंगोलिया निकल जाएंगे और अखिलेश यादव को यहां सीटों के बंटवारे को लेकर स्वामी प्रसाद मौर्य से बातचीत करनी पड़ेगी।

कुल मिलाकर, ओम प्रकाश राजभर के इन बयानों ने उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। वाराणसी दौरे से लेकर अयोध्या-मथुरा और कांग्रेस के साथ गठबंधन तक, राजभर ने कई मुद्दों पर अखिलेश यादव को घेरने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि सपा प्रमुख इन हमलों का क्या जवाब देते हैं।

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