ओरछा में मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने बेतवा नदी में डुबकी लगाई, रामराजा के दर्शन

निवाड़ी  देशभर में आज यानि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में लोग नर्मदा, शिप्रा, बेतवा नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इसी क्रम में रामराजा नगरी ओरछा में भी आस्था का सैलाब उमड़ा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेतवा नदी में डुबकी लगाने पहुंचे. साथ ही बेतवा नदी के किनारे लगे मेले का लोग आनंद ले रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए. ओरछा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब मकर संक्रांति के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार्मिक व पर्यटन नगरी ओरछा में आस्था का अद्भुत

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Published On :

जनवरी 15, 2026

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निवाड़ी
 देशभर में आज यानि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में लोग नर्मदा, शिप्रा, बेतवा नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं. इसी क्रम में रामराजा नगरी ओरछा में भी आस्था का सैलाब उमड़ा. बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेतवा नदी में डुबकी लगाने पहुंचे. साथ ही बेतवा नदी के किनारे लगे मेले का लोग आनंद ले रहे हैं. पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए.

ओरछा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

मकर संक्रांति के अवसर पर मध्य प्रदेश के धार्मिक व पर्यटन नगरी ओरछा में आस्था का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा. पर्व के शुभ मुहूर्त के साथ ही भक्तों ने बेतवा नदी में आस्था की पवित्र डुबकी लगाई. मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पापों का क्षय होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है. स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे ओरछा के प्रसिद्ध रामराजा सरकार मंदिर पहुंचे. जहां दर्शन करने वालों की भीड़ देखने लायक थी. श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में दान, तिल-गुड़ वितरण और ब्राह्मण सेवा जैसे पुण्य कार्य करते नजर आए.

सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ टीम रही मौजूद

कई परिवारों ने इस अवसर पर गरीबों को वस्त्र और अन्नदान कर मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व और बढ़ा दिया. दूसरी तरफ प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह सक्रिय दिखे. भीड़ नियंत्रण से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक हर कदम पर सतर्कता देखने को मिली. घाटों पर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल हर एक आवाजाही पर नजर रखे हुए हैं. संवेदनशील घाटों पर एसडीआरएफ की टीमें लगातार मौजूद रहीं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए साजो-सामान के साथ तैयार रही.

स्थानीय प्रशासन ने भी चिकित्सा सहायता, लाइटिंग, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को संभाल रखा था. जिससे भक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. देवभूमि ओरछा में मकर संक्रांति का यह दृश्य भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा का सुंदर संगम बन गया.

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