एक तरफ वेनेजुएला संकट, दूसरी तरफ अमेरिकी सहयोगी पर हमला; जेट विमानों से की गई भीषण बमबारी

वाशिंगटन एक तरफ अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण और गिरफ्तारी में लगा हुआ था, दूसरी ओर उसके नए सहयोगी सीरिया में हवाई हमले हो रहे थे। सबसे बड़ी बात यह है कि ये हवाई हमले नाटो सदस्य देशों ब्रिटेन और फ्रांस ने किए। दरअसल, ब्रिटेन और फ्रांस ने शनिवार शाम को सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमला किया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई सीरिया के एक भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाकर की गई, जहां हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे जाने की संभावना थी।   ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के

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Published On :

जनवरी 4, 2026

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वाशिंगटन
एक तरफ अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के अपहरण और गिरफ्तारी में लगा हुआ था, दूसरी ओर उसके नए सहयोगी सीरिया में हवाई हमले हो रहे थे। सबसे बड़ी बात यह है कि ये हवाई हमले नाटो सदस्य देशों ब्रिटेन और फ्रांस ने किए। दरअसल, ब्रिटेन और फ्रांस ने शनिवार शाम को सीरिया में आतंकी संगठन आईएसआईएस के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमला किया। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई सीरिया के एक भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाकर की गई, जहां हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे जाने की संभावना थी।
 
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटिश और फ्रांसीसी वायु सेनाओं ने शनिवार शाम सीरिया में एक संयुक्त अभियान चलाकर इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह द्वारा पहले उपयोग किए गए एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडारण स्थल पर बमबारी की। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स के विमानों ने प्राचीन स्थल पल्मायरा से कुछ मील उत्तर पहाड़ों में एक भूमिगत सुविधा की पहचान की। उसने साथ ही यह भी कहा कि इस सुविधा का उपयोग हथियारों एवं विस्फोटकों के भंडारण के लिए किया जाता था।

मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश सेना ने टाइफून एफजीआर4 लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया, और संयुक्त हमले में फ्रांसीसी विमान भी शामिल थे। बयान में कहा गया है कि ब्रिटिश वायु सेना ने सुविधा केंद्र तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाने के लिए पेववे IV निर्देशित बमों का इस्तेमाल किया। इसमें यह भी कहा गया कि हालांकि अभी विस्तृत मूल्यांकन चल रहा है, लेकिन शुरुआती संकेत यह हैं कि लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।

रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा कि यह कार्रवाई ब्रिटेन के नेतृत्व और मध्य पूर्व में आईएस तथा उसकी हिंसक विचारधाराओं के किसी भी पुनरुत्थान को खत्म करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के हमारे दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। सीरियाई सरकार की ओर से इन हमलों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई। सीरिया पिछले साल के अंत में आईएस विरोधी गठबंधन में शामिल हुआ था।

गौरतलब है कि 2019 में सीरिया में हार के बावजूद, आईएस के स्लीपर सेल अभी भी सीरिया और इराक में घातक हमले कर रहे हैं, जहां चरमपंथियों ने कभी अपना खिलाफत घोषित किया था। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सीरिया और इराक में अपने पूर्व गढ़ों में आईएस के अभी भी 5000 से 7000 सदस्य सक्रिय हैं।

बता दें कि पिछले महीने ट्रंप प्रशासन ने सीरिया में आईएस लड़ाकों और हथियार स्थलों को नष्ट करने के लिए सैन्य हमले शुरू किए, जो पल्मायरा के पास हुए एक घात लगाकर किए गए हमले के प्रतिशोध में किए गए थे, जिसमें कुछ दिन पहले दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे।

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