Weather Update: देश के मौसम चक्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर मैदानी राज्यों में दिन का पारा चढ़ने लगा है, वहीं हिमालयी क्षेत्रों में अभी भी शीत लहर और बर्फबारी का असर बना हुआ है। आइए जानते हैं मौसम के बदलते स्वरूप का पूरा विवरण।
Weather Update: वेलेंटाइन वीक में मौसम का यू-टर्न, उत्तर भारत में आंधी-बारिश की चेतावनी
मैदानी राज्यों में सर्दी की विदाई और बढ़ती तपिश
बताते चले कि, देश के अधिकांश हिस्सों में दिन और रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस बदलाव के कारण अब मैदानी इलाकों में दोपहर के समय धूप काफी तीखी होने लगी है। हालांकि, सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड अभी भी महसूस की जा रही है, लेकिन कड़ाके की ठिठुरन अब धीरे-धीरे कम हो रही है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों में भी तापमान बढ़ने के कारण बर्फबारी और बारिश के दिनों की संख्या में कमी आई है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में दृश्यता पर असर
आपको बता दे कि, दिल्ली-एनसीआर सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में सुबह और देर रात घने कोहरे की चादर देखी जा रही है। इससे यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है क्योंकि दृश्यता काफी कम हो गई है। दिल्ली में फिलहाल न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री और अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिन में खिलने वाली धूप सर्दी के प्रभाव को कम कर रही है, लेकिन सुबह-शाम की ठंड अभी कुछ दिनों तक बनी रहेगी।
आईएमडी की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिए हैं कि 13 फरवरी और 16-17 फरवरी को नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। यदि इनका प्रभाव अधिक रहता है, तो पश्चिमी हिमालयी श्रृंखला में एक बार फिर भारी बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है। इस बदलाव के कारण उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में शीत लहर (Cold Wave) की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
फरवरी के दूसरे पखवाड़े में बढ़ेगा पारा और कम होगी वर्षा
मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी का दूसरा पखवाड़ा सामान्य से अधिक गर्म रहने का अनुमान है। इस दौरान बारिश की गतिविधियों में भी कमी आने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि पहाड़ों पर बुधवार को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी गई है, लेकिन समग्र रूप से मैदानी इलाकों में वसंत के आगमन से पहले ही ग्रीष्म ऋतु जैसी आहट सुनाई देने लगी है।









