Noida Protest: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले दिनों हुई तोड़फोड़ और उपद्रव के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। बुधवार (15 अप्रैल) को पुलिस और प्रशासन की कड़ी घेरेबंदी के बीच अधिकांश श्रमिक अपने काम पर लौट आए हैं। चप्पे-चप्पे पर पीएसी (PAC) और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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इकोटेक-3 और 12 में तनाव, पुलिस ने स्थिति संभाली
बुधवार सुबह ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 और इकोटेक-12 क्षेत्रों में कुछ श्रमिकों ने दोबारा एकत्रित होकर हंगामा करने की कोशिश की। हालांकि, उद्यमियों की सतर्कता और पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने किसी भी बड़े टकराव को टाल दिया। जैसे ही श्रमिकों के जुटने की खबर मिली, उद्यमियों ने हेल्पलाइन नंबर और स्थानीय पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद भारी बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
श्रमिकों की मांगें और प्रशासन का जागरूकता अभियान
श्रमिक मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों को लेकर मुखर हैं:
वेतन में वृद्धि और न्यूनतम मजदूरी में इजाफा।
ओवरटाइम का उचित भुगतान।
कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाएं।
जिला प्रशासन का कहना है कि प्रदेश स्तर पर श्रमिकों की अधिकांश मांगों को पहले ही स्वीकार कर लिया गया है। अब प्रशासन और पुलिस की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों के बीच जाकर उन्हें जागरूक कर रही हैं, ताकि वे किसी के बहकावे में आकर कानून हाथ में न लें।
संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और ‘रासुका’ की चेतावनी
पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त कर दिया है। अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) खुद भारी पुलिस बल के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रहे हैं। फेज-2 में 20 हजार श्रमिकों द्वारा पंचायत बुलाने के ऐलान के बाद पुलिस और भी ज्यादा अलर्ट मोड पर है।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति शांति भंग करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, तो उस पर रासुका (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-82 होजरी कॉम्प्लेक्स और फेज-1 जैसे क्षेत्रों में एडीसीपी स्तर के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं।
उपद्रवियों पर मुकदमा और गिरफ्तारी की कार्रवाई
सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में सोमवार को हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। 1,500 से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इन पर राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को बाधित करने, सार्वजनिक वाहनों में तोड़फोड़ करने और पुलिस बल पर हमला करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।









