Bihar Politics: नीतीश कुमार देंगे इस्तीफा, राज्यसभा जाएंगे सीएम और निशांत कुमार बनेंगे नए डिप्टी सीएम

बिहार की सियासत का सबसे बड़ा उलटफेर! नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया है। वे अब राज्यसभा जाएंगे, लेकिन चर्चा उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर है। क्या निशांत को डिप्टी सीएम बनाकर नीतीश ने अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है? जानिए इस बदलाव के पीछे की पूरी इनसाइड स्टोरी।

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Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 12, 2026

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक युगांतकारी बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद से ही राज्य के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज थी कि वे अपनी वर्तमान जिम्मेदारी से कब मुक्त होंगे। अब सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि नीतीश कुमार अप्रैल के शुरुआती सप्ताह में मुख्यमंत्री पद का परित्याग कर सकते हैं, जिससे बिहार में एक नए नेतृत्व की नींव रखी जाएगी।

8 या 9 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 8 या 9 अप्रैल को राजभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के साथ ही वे बिहार विधान परिषद की अपनी सदस्यता से भी त्यागपत्र देंगे। यह निर्णय भाजपा और जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद लिया गया है। इस्तीफे के पश्चात नीतीश कुमार संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। 16 मार्च को उनके राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने जाने की औपचारिक घोषणा होने की पूरी संभावना है।

निशांत कुमार को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी: बनेंगे डिप्टी सीएम

नीतीश कुमार के सत्ता छोड़ने के बाद सबसे चौंकाने वाला बदलाव उनके उत्तराधिकार को लेकर दिख रहा है। सूत्रों का दावा है कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को बिहार का नया उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाया जाएगा। निशांत कुमार को हाल ही में औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल किया गया है। पिछले कुछ समय से वे पार्टी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं, जिसे उनकी सक्रिय राजनीति में ‘लॉन्चिंग’ के तौर पर देखा जा रहा है। निशांत के साथ जेडीयू कोटे से एक और उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है।

सत्ता का संतुलन: गृह मंत्रालय भाजपा के पास रहेगा

बिहार में नई सरकार के गठन के दौरान भाजपा और जेडीयू के बीच शक्ति संतुलन को लेकर भी सहमति बन गई है। सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भले ही नेतृत्व में बड़ा फेरबदल हो रहा हो, लेकिन सबसे शक्तिशाली माना जाने वाला गृह मंत्रालय (Home Department) भारतीय जनता पार्टी के पास ही रहेगा। यह गठबंधन के भीतर भाजपा की बढ़ती मजबूती और प्रशासनिक पकड़ को दर्शाता है। अन्य विभागों के बंटवारे को लेकर भी दोनों दलों के बीच गहन मंथन चल रहा है ताकि नई कैबिनेट में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधा जा सके।

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में बनी रणनीति

नीतीश कुमार का दिल्ली कूच करना और राज्य की कमान नई पीढ़ी को सौंपना एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरा था, तब वहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी ने इस बदलाव पर मुहर लगा दी थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा चाहती है कि नीतीश केंद्र में रहकर गठबंधन को मजबूती प्रदान करें, जबकि बिहार में नए चेहरों के साथ पार्टी 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करे।

‘अब ये लोग ही चलाएंगे बिहार’ – नीतीश के भाषण के मायने

नीतीश कुमार ने हाल ही में सीमांचल के अपने दौरों के दौरान सार्वजनिक मंचों से भविष्य के नेतृत्व के संकेत देने शुरू कर दिए थे। उन्होंने अपने भाषणों में लेसी सिंह और विजय कुमार चौधरी जैसे भरोसेमंद नेताओं की ओर इशारा करते हुए स्पष्ट कहा था कि “अब ये लोग ही बिहार चलाएंगे।” इन बयानों से यह साफ हो गया था कि नीतीश अब खुद को राज्य की सक्रिय मुख्यमंत्री की भूमिका से अलग कर चुके हैं और एक मार्गदर्शक की भूमिका की ओर बढ़ रहे हैं। अब सबकी नजरें अप्रैल के उस हफ्ते पर टिकी हैं जब बिहार में ‘निशांत युग’ की औपचारिक शुरुआत होगी।

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