Bihar Politics: बिहार की सियासत में गुरुवार को उस वक्त भूकंप आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राज्यसभा जाने की अपनी इच्छा प्रकट की। इस घोषणा ने न केवल राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में उनका लंबा सफर अब समाप्त हो गया है। घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर, नीतीश कुमार ने उच्च सदन (Rajya Sabha) के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया, जिससे बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है।
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10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले देश के इकलौते नेता
बताते चले कि, नीतीश कुमार के नाम भारतीय राजनीति के कई ऐसे कीर्तिमान दर्ज हैं, जिन्हें तोड़ना नामुमकिन सा लगता है। वे मुख्यमंत्री रहते हुए राज्यसभा जाने वाले पहले नेता बन गए हैं। साल 2025 में एनडीए की जीत के बाद उन्होंने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया इतिहास रचा था। उनके कार्यकाल के दौरान बिहार ने न केवल बुनियादी ढांचे में बदलाव देखा, बल्कि उन्होंने देश में सबसे अधिक बार सीएम बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
जयललिता और नवीन पटनायक से भी आगे निकला ‘सुशासन बाबू’ का कद
अगर तुलनात्मक दृष्टि से देखें, तो नीतीश कुमार का राजनीतिक रिकॉर्ड (Political Milestone) अद्वितीय है। तमिलनाडु की जयललिता और हिमाचल के वीरभद्र सिंह ने 6-6 बार मुख्यमंत्री पद संभाला। वहीं, सिक्किम के पवन कुमार चामलिंग और ओडिशा के नवीन पटनायक 5-5 बार इस पद पर रहे। लेकिन नीतीश कुमार ने 10 बार शपथ लेकर इन सभी दिग्गजों को बहुत पीछे छोड़ दिया है। बिहार की राजनीति में उनके इस रिकॉर्ड को छू पाना आने वाले कई दशकों तक चुनौतीपूर्ण रहेगा।
NDA विधायक दल की बैठक
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार की कमान किसके हाथ में होगी। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, 16 मार्च को मतदान के बाद नई सरकार बनाने की गतिविधियां तेज हो जाएँगी। प्रक्रिया के तहत भाजपा और जदयू की अलग-अलग विधायक दल की बैठकें होंगी, जिसके बाद एनडीए गठबंधन (NDA Alliance) की संयुक्त बैठक में नए नेता का सर्वसम्मति से चुनाव किया जाएगा। नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा और संख्या बल के आधार पर नए मुख्यमंत्री को न्योता मिलेगा।
कौन होगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?
नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। चर्चा है कि भाजपा इस बार किसी चौंकाने वाले चेहरे (Surprise Candidate) को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंप सकती है। यदि मुख्यमंत्री भाजपा कोटे से बनता है, तो वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे आगे है। इसके अलावा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नाम की भी पुरजोर चर्चा हो रही है। नए नेता का चयन जदयू और भाजपा की आपसी सहमति से होगा, जो बिहार के भविष्य की नई दिशा तय करेगा।
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