BJP vs Congress: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा भाजपा और आरएसएस की तुलना ‘जहरीले सांप’ से किए जाने पर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेता नितिन नवीन ने खरगे की टिप्पणियों को न केवल अमर्यादित बताया, बल्कि इसे समाज में वैमनस्य फैलाने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया। नवीन के अनुसार, कांग्रेस हताशा में ओछी राजनीति पर उतर आई है और भाषाई मर्यादा की सभी सीमाओं को लांघ रही है।
खरगे की सांप्रदायिक टिप्पणियों पर भाजपा का कड़ा प्रहार
नितिन नवीन ने एक साक्षात्कार के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ये टिप्पणियां पूरी तरह से सांप्रदायिक आधार पर लोगों को भड़काने के उद्देश्य से की गई हैं। नवीन ने सवाल उठाया कि एक राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बैठे व्यक्ति की ऐसी ‘ओछी मानसिकता’ कैसे हो सकती है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खरगे वही भाषा बोल रहे हैं जो राहुल गांधी उन्हें सिखाते हैं। भाजपा नेता ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की यह पुरानी परंपरा रही है कि वह नकारात्मक शब्दों से समाज को बांटने की कोशिश करती है, लेकिन जनता ने हमेशा ऐसी भाषा का जवाब कांग्रेस को चुनाव में हराकर दिया है।
कांग्रेस अध्यक्ष को रिमोट कंट्रोल से संचालित बताने वाला दावा
नितिन नवीन ने खरगे के व्यक्तिगत स्वभाव और उनके बयानों के बीच विरोधाभास की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे एक सभ्य व्यक्ति हैं, लेकिन उनके मुंह से जो शब्द निकल रहे हैं, वे उनके अपने नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल, सोनिया और प्रियंका गांधी (The Gandhi Family) कांग्रेस अध्यक्ष को ‘रिमोट कंट्रोल’ से चला रहे हैं। नवीन के अनुसार, यह गांधी परिवार ही है जो सिस्टम के तहत खरगे से ऐसे अमर्यादित शब्द कहलवा रहा है। उन्होंने ‘गुरु और चेला’ का उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व ही इस तरह की अपमानजनक बयानबाजी की पटकथा तैयार कर रहा है।
असम रैली में ‘सांप’ वाले विवादास्पद बयान की पृष्ठभूमि
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मल्लिकार्जुन खरगे ने असम में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आरएसएस और भाजपा एक ‘जहरीले सांप’ की तरह हैं, जिन्हें मारना जरूरी है। उन्होंने इस दौरान धार्मिक संदर्भों का उपयोग करते हुए लोगों से इन्हें खत्म करने की अपील की। इस उकसाने वाले बयान (Provocative Statement) के बाद असम के भाजपा नेताओं ने खरगे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए ‘तुष्टीकरण की राजनीति’ का सहारा ले रही है और हिंसा को बढ़ावा दे रही है।
गुजरात और केरल की तुलना पर आक्रोश
खरगे ने केरल में एक रैली के दौरान गुजरात के लोगों की तुलना केरल के लोगों से करते हुए गुजरात के लोगों को कथित तौर पर ‘निरक्षर’ और ‘मूर्ख’ कहा था। इस पर पलटवार करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि सरदार पटेल और महात्मा गांधी की धरती का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल (PM Modi’s Tenure) में गुजरात की साक्षरता दर 82 प्रतिशत तक पहुँच गई है। नवीन ने सवाल किया कि क्या खरगे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को भी निरक्षर मानकर देश को उत्तर-दक्षिण के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं? भाजपा ने मांग की है कि इस अपमानजनक टिप्पणी के लिए खरगे और कांग्रेस नेतृत्व को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
नितिन नवीन के इस कड़े रुख से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ एक बड़ा हथियार बनाने जा रही है। गुजरात के गौरव और सांप्रदायिक सौहार्द के नाम पर भाजपा अब कांग्रेस को बैकफुट पर धकेलने की तैयारी में है।










