Nitin Nabin News: पूरी तैयारी के बावजूद नितिन नवीन का इस्तीफा टला, असम कार्यक्रम बना रोड़ा

पटना की बांकीपुर सीट से भाजपा (BJP) विधायक नितिन नवीन का इस्तीफा ऐन मौके पर टल गया है। उनके इस्तीफे की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए बिहार विधानसभा के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह (या कार्यवाहक व्यवस्था) विशेष तौर पर दिल्ली से शनिवार देर रात पटना पहुंचे थे और रविवार को दफ्तर भी खुला रखा गया था, लेकिन नितिन नवीन के न पहुंचने से पेंच फंस गया।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 29, 2026

Nitin Nabin News: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक नितिन नवीन रविवार, 29 मार्च को अपने विधायक पद से इस्तीफा देने वाले थे। इसके लिए पूरी तैयारी भी कर ली गई थी। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, जो दिल्ली में थे, शनिवार देर रात ही पटना लौट आए और रविवार सुबह विधानसभा भी पहुंचे। विधानसभा की ओर से भी जानकारी दी गई थी कि नितिन नवीन का इस्तीफा इसी दिन होना है। लेकिन अचानक स्थिति बदल गई और नितिन नवीन विधानसभा नहीं पहुंचे।

Chhindwara News: पलटी हुई बस के नीचे फंसे लोगों को बचाया, CM ने पुलिसकर्मियों को पुरस्कार देने का किया ऐलान

असम कार्यक्रम बना वजह

सूत्रों के अनुसार, नितिन नवीन को पार्टी की ओर से असम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होना था। इसी कारण वे पटना से सीधे असम रवाना हो गए। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि किसी कारणवश इस्तीफा नहीं हो पाया, लेकिन जल्द ही नितिन नवीन इस्तीफा देंगे।

नियमावली और डेडलाइन

बिहार विधानसभा कार्य संचालन नियमावली के अनुसार, यदि कोई सदस्य दूसरे सदन के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिन के भीतर इस्तीफा देना होता है। नितिन नवीन समेत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, शिवेश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। ऐसे में 30 मार्च को 14 दिन की डेडलाइन पूरी हो जाएगी।

सवाल और चर्चाएँ

अब यह चर्चा तेज हो गई है कि जब इस्तीफे की पूरी तैयारी हो चुकी थी तो आखिर किस वजह से नितिन नवीन विधानसभा नहीं पहुंचे। राजनीतिक गलियारों में इस पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं खबरें यह भी हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बिहार विधान परिषद के सदस्य पद से इस्तीफा दे सकते हैं।

नितिन नवीन का इस्तीफा टलना बिहार की राजनीति में नया मोड़ लेकर आया है। हालांकि नियमावली के अनुसार उन्हें 30 मार्च तक इस्तीफा देना ही होगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वे कब इस्तीफा देते हैं और इसके बाद राजनीतिक समीकरण किस तरह बदलते हैं।

MP वित्त विभाग की नई गाइडलाइन: बाबू और अफसर को 10 दिन में फाइलें निपटाने का आदेश