Budget 2026: निर्मला सीतारमण 9वीं बार पेश करेंगी आम बजट, जानें देश की आर्थिक स्थिति

Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश करेंगी आम बजट, जिसमें जीडीपी, रुपये की स्थिति, रोजगार संकट, मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात और किसानों की आय जैसी 9 बड़ी चुनौतियों का समाधान प्रस्तावित किया जा सकता है। जानिए वित्त मंत्री के सामने कौन-कौन से आर्थिक मुद्दे हैं।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जनवरी 31, 2026

Budget 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय एक दोराहे पर खड़ी है। जहाँ हम जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं, वहीं ‘विकसित भारत 2047’ का सपना पूरा करने के लिए सरकार को बजट 2026 में कुछ कड़े और दूरदर्शी फैसले लेने होंगे।

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जीडीपी वृद्धि दर का दबाव

इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.8–7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। जबकि सरकार ने 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए देश को लगातार 8 प्रतिशत या उससे अधिक की विकास दर बनाए रखना अनिवार्य है।

रुपये की लगातार कमजोरी

भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले दबाव में है। 29 जनवरी 2026 को रुपया 92 रुपये प्रति डॉलर के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। पिछले 10 महीनों में रुपये में लगभग 6.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह निर्यातकों और आयातकों दोनों के लिए चुनौती बन सकता है।

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आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में नौकरी संकट

आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में नौकरी संकट
आईटी और सॉफ्टवेयर सेक्टर में नौकरी संकट

आईटी कंपनियों में रोजगार में भारी कमी आई है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीनों में शीर्ष 5 आईटी कंपनियों ने केवल 17 नए कर्मचारियों की भर्ती की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 17,764 थी।

चीन के साथ बढ़ता व्यापार घाटा

भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। चीन ने भारत को लगभग 8.39 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया है, जिससे घरेलू उद्योगों पर दबाव बढ़ गया है।

सोने और चांदी की ऊंची कीमतें

सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। 30 जनवरी को सोना 1.71 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.95 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंची। इसका असर विशेष रूप से मिडिल क्लास पर पड़ा है, क्योंकि भारत में हर साल लगभग 1 करोड़ शादियां होती हैं।

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वायु प्रदूषण और स्वच्छता

CREA की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 44 प्रतिशत शहरों में वायु प्रदूषण गंभीर है। दिल्ली में साल के 365 दिन में केवल 79 दिन हवा ‘अच्छी’ श्रेणी में रही।

अमेरिकी टैरिफ का दबाव

अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिसमें 25 प्रतिशत बेस टैरिफ और 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ शामिल है। इसका असर भारतीय निर्यात पर पड़ा है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की धीमी वृद्धि

‘Make in India’ के बावजूद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान केवल 12.13 प्रतिशत GVA पर अटका हुआ है। सरकार का लक्ष्य इसे 25 प्रतिशत तक बढ़ाना है।

कृषि और किसानों की आय

वित्त वर्ष 2024–25 में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 3,577.3 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। जबकि उत्पादन बढ़ा है, अनाज, मक्का, सोयाबीन और दालों की पैदावार अभी भी वैश्विक औसत से कम है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उत्पादकता सुधार, बेहतर बीज, आधुनिक तकनीक और सिंचाई पर जोर देने की जरूरत है।

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