निखिल गुप्ता को पन्नू हत्याकांड में लंबी सजा का खतरा, 29 मई को सुप्रीम कोर्ट/अदालत निर्णय

वॉशिंगटन   न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित तौर से हत्या की साजिश के मामले में निखिल गुप्ता को अमेरिकी संघीय कोर्ट में औपचारिक रूप से दोषी ठहराया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान 29 मई को निखिल की सजा तय की जाएगी। कोर्ट के जज ने सिख अलगाववादी की हत्या की साजिश में निखिल की गलती मान ली है। निखिल को इस मामले में ज्यादा से ज्यादा 40 साल की जेल हो सकती है। अमेरिकी जिला जज विक्टर मारेरो ने 17 फरवरी को मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने गुप्ता की बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट

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Published On :

मार्च 4, 2026

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वॉशिंगटन 
 न्यूयॉर्क में सिख अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की कथित तौर से हत्या की साजिश के मामले में निखिल गुप्ता को अमेरिकी संघीय कोर्ट में औपचारिक रूप से दोषी ठहराया गया है। इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान 29 मई को निखिल की सजा तय की जाएगी। कोर्ट के जज ने सिख अलगाववादी की हत्या की साजिश में निखिल की गलती मान ली है। निखिल को इस मामले में ज्यादा से ज्यादा 40 साल की जेल हो सकती है। अमेरिकी जिला जज विक्टर मारेरो ने 17 फरवरी को मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने गुप्ता की बातचीत की ट्रांसक्रिप्ट देखने के बाद दोषी ठहराने का आदेश जारी किया।

पिछले हफ्ते 54 साल के निखिल गुप्ता ने कोर्ट में अपनी गलती स्वीकार की थी। उन्होंने माना था कि अमेरिका में 2023 में पन्नू की हत्या करवाने के लिए हामी भरी थी।

उन्होंने ये भी बताया कि इसके लिए किसी दूसरे व्यक्ति को 15,000 डॉलर कैश दिए थे। पूछताछ के दौरान, उन्होंने माना कि उन्हें पता था कि जिस पर हमला होना था, वह न्यूयॉर्क में था और जिसे पेमेंट दिया गया, वह मैनहट्टन में मौजूद था। निखिल ने भाड़े पर हत्या करने और मनी लॉन्ड्रिंग करने की साजिश का गुनाह कबूल किया।

जिला कोर्ट के आदेश के अनुसार, गुप्ता की सजा आधिकारिक हो गई है और केस सीधे सजा सुनाने के फेज में चला गया है। फेडरल कानून के तहत, गुप्ता को भाड़े पर मर्डर करने की साजिश के लिए 10-10 साल तक की सजा हो सकती है और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश के लिए 20 साल तक की सजा हो सकती है। यानी कानूनी तौर पर ज्यादा से ज्यादा 40 साल की सजा होगी।

हालांकि, संघीय सजा सिर्फ कानूनी तौर पर ज्यादा से ज्यादा सजा के बजाय एडवाइजरी सेंटेंसिंग गाइडलाइंस से तय होती है। अर्जी से पहले दाखिल किए गए पिमेंटेल लेटर में गुप्ता की एडवाइजरी सजा की रेंज 235 से 293 महीने जेल आंकी गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने साफ किया कि गाइडलाइंस एडवाइजरी हैं और आखिरी सजा सिर्फ जज मारेरो जांच रिपोर्ट देखने के बाद तय करेंगे। अब इस मामले में निखिल को 29 मई को सुबह 10 बजे सजा सुनाई जाएगी।

गुप्ता ने कोर्ट में पुष्टि की है कि वह भारत के नागरिक हैं और उन्हें मालूम है कि दोषी मानने पर उन्हें अमेरिका से निकाल दिया जाएगा। सरकार की सजा से जुड़ी जानकारी में कहा गया है कि ऐसे अपराधों के लिए दोषी पाए गए गैर-नागरिकों को देश से हटाना जरूरी है।

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