New York cold wave: न्यूयॉर्क में बर्फीली ठंड का कहर, एक हफ्ते में 10 मौतें, बेघर लोग जान जोखिम में डालने को मजबूर

न्यूयॉर्क शहर में आर्कटिक ब्लास्ट ने तबाही मचा दी है। पिछले सात दिनों में कड़ाके की ठंड की वजह से 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें अधिकतर बेघर थे। प्रशासन की कोशिशों के बावजूद हज़ारों लोग सब-वे और सड़कों पर ठिठुरने को मजबूर हैं। क्या न्यूयॉर्क इस बर्फीले प्रलय का सामना कर पाएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 31, 2026

New York cold wave: संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ-साथ न्यूयॉर्क शहर इस समय सदी की सबसे भीषण शीत लहर और बर्फीले तूफान का सामना कर रहा है। आसमान से गिरती बर्फ और जमा देने वाले तापमान ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले महज सात दिनों के भीतर न्यूयॉर्क में कड़ाके की ठंड के कारण कम से कम 10 लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। स्थानीय सहायता समूहों और नागरिक अधिकार संगठनों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि शहर में किफायती आवास की भारी किल्लत और शेल्टर होम में सुरक्षा के अभाव के कारण बेघर लोग सड़कों पर रात बिताने को मजबूर हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

देशव्यापी संकट: अमेरिका में शीतकालीन तूफान से अब तक 70 से अधिक मौतें

ठंड का यह जानलेवा प्रकोप केवल न्यूयॉर्क तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने पूरे अमेरिका को अपनी चपेट में ले लिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में इस शीतकालीन तूफान से जुड़ी घटनाओं और अत्यधिक कम तापमान के कारण अब तक 70 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। न्यूयॉर्क के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि यहाँ ठंड से होने वाली मौतों की दर में पिछले कुछ वर्षों में खतरनाक वृद्धि हुई है। जहाँ 2018 से 2022 के बीच सालाना औसत मौतों का आंकड़ा 30 दर्ज किया गया, वहीं उससे पिछले पांच वर्षों में यह संख्या औसतन केवल 14 थी, जो सीधे तौर पर बढ़ते बेघर संकट की ओर इशारा करती है।

शेल्टर होम का डर: हिंसा और असुरक्षा के बीच फुटपाथ पर सोने की मजबूरी

हैरान करने वाली बात यह है कि भीषण ठंड के बावजूद कई बेघर लोग सरकारी शेल्टर होम जाने से कतरा रहे हैं। स्वयंसेवकों का कहना है कि इन आश्रय स्थलों में होने वाली हिंसा और चोरी की घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। ‘कोअलिशन फॉर द होमलेस’ के निदेशक जुआन डी ला क्रूज ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए बताया कि एक व्यक्ति शेल्टर होम में हमले के डर से कड़ाके की ठंड में भी नंगे पैर घूमता था, ताकि कोई उसके जूते न छीन ले। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यूयॉर्क को ‘सेफ हेवन’ जैसे छोटे और कम नियमों वाले सुरक्षित आश्रयों की तत्काल आवश्यकता है।

किफायती आवास का अभाव: न्यूयॉर्क में बेघरों की संख्या 1 लाख के पार

न्यूयॉर्क में बेघर आबादी का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर भागा है। पिछले नवंबर में एक ही रात में 1,00,000 से अधिक लोगों ने सरकारी शेल्टरों में शरण ली, जबकि हजारों लोग सबवे स्टेशनों और पार्कों में सोने को मजबूर थे। जनवरी 2020 में यह संख्या 68,000 के आसपास थी। कोअलिशन के कार्यकारी निदेशक डेविड गिफेन के अनुसार, इस संकट की मुख्य जड़ किफायती घरों की कमी है। पुलिस अक्सर लोगों को सार्वजनिक स्थानों से हटा तो देती है, लेकिन उनके पास जाने के लिए कोई स्थाई ठिकाना न होने के कारण वे जान जोखिम में डालकर फिर उन्हीं असुरक्षित जगहों पर लौट आते हैं।

हृदयविदारक घटनाएं: अस्पताल के बाहर और बर्फ की चादर में मिली लाशें

इस ठंड ने समाज के सबसे कमजोर वर्ग को निशाना बनाया है। मृतकों में एक 60 वर्षीय व्यक्ति शामिल है, जिसका शव ब्रोंक्स के सेंट बरनबास अस्पताल के ठीक बाहर मिला। एक अन्य अत्यंत दुखद मामले में, 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला डोरीन एलिस, जो डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) से पीड़ित थीं, आधी रात को अपने घर से निकलकर बर्फ में चली गईं और अगली सुबह उनकी लाश बरामद हुई। मौसम विभाग के अनुसार, न्यूयॉर्क में यह शून्य से नीचे का तापमान कम से कम 7 फरवरी तक जारी रहेगा, जिससे आने वाले दिन और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

Read More : यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में इंटरनेशनल फिल्म सिटी से बदलेगी उत्तर प्रदेश की आर्थिक व सांस्कृतिक तस्वीर