पटना जू में जनवरी 2027 से दौड़ेगी नई ट्वाय ट्रेन, 80 पर्यटक एक साथ कर सकेंगे सफर

 पटना  पटना जू में एक बार फिर ट्वाय ट्रेन की सीटी सुनाई देने वाली है। करीब 11 साल से बंद पड़ी ट्वाय ट्रेन अब नए रंग-रूप और आधुनिक सुविधाओं के साथ लौटने की तैयारी में है। इस बार इसका कलेवर वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर होगा। बैट्री चालित चार कोच की इस ट्रेन में एक साथ 80 पर्यटक सफर कर सकेंगे। करीब 9.88 करोड़ रुपये की लागत से 3.77 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक बिछाया जा रहा है। जनवरी 2027 के अंत तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य है। ट्रेन से करीब 40 मिनट की सैर के दौरान पर्यटक जू

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Published On :

नवम्बर 2, 2026

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 पटना
 पटना जू में एक बार फिर ट्वाय ट्रेन की सीटी सुनाई देने वाली है। करीब 11 साल से बंद पड़ी ट्वाय ट्रेन अब नए रंग-रूप और आधुनिक सुविधाओं के साथ लौटने की तैयारी में है। इस बार इसका कलेवर वंदे भारत एक्सप्रेस की तर्ज पर होगा। बैट्री चालित चार कोच की इस ट्रेन में एक साथ 80 पर्यटक सफर कर सकेंगे।

करीब 9.88 करोड़ रुपये की लागत से 3.77 किलोमीटर लंबा नया ट्रैक बिछाया जा रहा है। जनवरी 2027 के अंत तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य है। ट्रेन से करीब 40 मिनट की सैर के दौरान पर्यटक जू की हरियाली, जंगल ट्रेल और तालाब के प्राकृतिक नजारों का आनंद ले सकेंगे।

जू निदेशक हेमंत पाटिल ने बताया कि दानापुर रेल मंडल और चिड़ियाघर प्रशासन के बीच हुए एमओयू के तहत परियोजना पर काम चल रहा है। तकनीकी समस्याओं को दूर करने के बाद ट्रैक निर्माण में तेजी आई है।

पुराने ट्रैक को हटाकर नए सिरे से पटरी बिछाई जा रही है। इंजन और कोच से जुड़े काम भी अलग-अलग स्तर पर जारी हैं। निर्माण पूरा होने के बाद तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण किए जाएंगे। इसके बाद ही नियमित परिचालन शुरू होगा।

एक इंजन के साथ होंगे चार कोच
नई ट्वाय ट्रेन में एक इंजन के साथ चार कोच होंगे। प्रत्येक कोच में करीब 20 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। पूरी ट्रेन बैटरी से संचालित होगी, जिससे धुआं और प्रदूषण नहीं होगा।

यात्रियों की सुविधा के लिए एक कोच वातानुकूलित रखने का प्रस्ताव है। बैटरी की क्षमता और तकनीकी जरूरतों को देखते हुए सभी कोच एसी नहीं होंगे।

नई ट्रेन का रूट भी पर्यटकों के अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। पुराने मार्ग में बदलाव करते हुए जंगल ट्रेल वाले हिस्से को कुछ छोटा किया जा रहा है, ताकि ट्रेन तालाब के आसपास से भी गुजर सके।

इससे पर्यटकों को सफर के दौरान जू की हरियाली और प्राकृतिक खूबसूरती देखने का मौका मिलेगा। अंतिम रूट और स्टापेज की जानकारी परिचालन शुरू होने के समय दी जाएगी।

ट्रेन शुरू होने से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और उन पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें पूरे जू में पैदल घूमने में परेशानी होती है। परिवार ट्रेन में बैठकर चिड़ियाघर के विभिन्न हिस्सों का नजारा ले सकेंगे।

योजना के मुताबिक, जू खुलने के बाद सुबह करीब नौ बजे से ट्रेन का परिचालन शुरू किया जा सकता है। हालांकि, टिकट दर, समय-सारणी और स्टेशनों की संख्या अभी तय नहीं हुई है।

ट्रैक को लेकर परिचालन था बंद
पटना जू में पुरानी ट्वाय ट्रेन का परिचालन 17 अगस्त 2015 को बंद कर दिया गया था। उस समय ट्रैक और कोच की सुरक्षा को लेकर चिंताएं सामने आई थीं।

अब करीब 11 साल बाद नए ट्रैक और आधुनिक सुविधाओं के साथ इसे फिर से शुरू करने की तैयारी है। नई ट्रेन के शुरू होने से जू भ्रमण बच्चों और परिवारों के लिए एक नया आकर्षण बन सकेगा।

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