झारखंड के सरकारी स्कूलों के नए टाइमिंग जारी, 9 बजे से 3 बजे तक होगी पढ़ाई

मेदिनीनगर/पलामू. एक जुलाई से झारखंड के सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव लागू हो जाएगा। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं अब सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक संचालित होंगी। हालांकि भीषण गर्मी के बीच इस निर्णय को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और दोपहर के समय तेज धूप व उमस के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है। वर्तमान में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं

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Published On :

जून 30, 2026

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मेदिनीनगर/पलामू.

एक जुलाई से झारखंड के सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव लागू हो जाएगा। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं अब सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक संचालित होंगी। हालांकि भीषण गर्मी के बीच इस निर्णय को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई है।

उनका कहना है कि इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और दोपहर के समय तेज धूप व उमस के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है।
वर्तमान में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से 11:30 बजे तक तथा नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रही हैं। वहीं शिक्षक सुबह सात बजे से अपराह्न एक बजे तक विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नए आदेश के लागू होने के साथ ही सभी कक्षाओं का संचालन सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा।

4 जुलाई तक चलेगा मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान
सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 1 से 4 जुलाई तक विशेष जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

आयोजित होंगी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां
अभियान के दौरान विद्यालयों में स्लोगन लेखन, चित्रांकन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, ''मेरी बात- मेरा संकल्प'', मासिक धर्म स्वच्छता पर समूह चर्चा, रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक तथा सामूहिक संकल्प जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य किशोरियों में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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