बिहार में नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

पटना. सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि

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Published On :

जनवरी 31, 2026

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पटना.

सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा।

गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे डेवलप किया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें।

15 दिन कें अंदर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश
उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया।
इसके पहले उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की।

सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने पर फोकस
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसका लाभ उन किसानों को कैसे मिले, इसके बारे सोंचना होगा। वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम मद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे हर हालत में प्राप्त करना है। बेहतर करने वालों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त करने के लिए 72 योजनाएं चिह्नित
गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश पिछले वर्ष 30 दिसंबर को दिया गया था। शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने निर्देश के अनुपालन की संयुक्त रूप से समीक्षा की। गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लुइस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों में सर्वेक्षण हो रहा है।

अब तक 72 योजनाएं चिह्नित
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में अब तक कुल 72 योजनाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्ति मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एसके मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।

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