जेल सुधार की नई पहल: चुनिंदा कैदी बाहर जाकर कमाएंगे रोजी-रोटी, 12 घंटे बाद लौटेंगे जेल

रांची झारखंड सरकार चुने हुए कैदियों को दिन में जेल से बाहर जाकर काम करने, रोजी-रोटी कमाने और शाम को जेल लौटने की इजाजत देगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह व्यवस्था चार सेंट्रल जेलों- रांची में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, हजारीबाग में जय प्रकाश नारायण सेंट्रल जेल, पूर्वी सिंहभूम में घाघीडीह सेंट्रल जेल और दुमका सेंट्रल जेल में ओपन और सेमी-ओपन बैरक के जरिए शुरू की जाएगी। इन चारों जेलों में बैरक और सेल की पहचान भी कर ली गई है, जिन्हें बदला जाएगा। IG (जेल) सुदर्शन मंडल ने शनिवार को कहा, "ओपन या सेमी-ओपन बैरक सिस्टम के तहत, कैदियों

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 30, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

रांची
झारखंड सरकार चुने हुए कैदियों को दिन में जेल से बाहर जाकर काम करने, रोजी-रोटी कमाने और शाम को जेल लौटने की इजाजत देगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह व्यवस्था चार सेंट्रल जेलों- रांची में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, हजारीबाग में जय प्रकाश नारायण सेंट्रल जेल, पूर्वी सिंहभूम में घाघीडीह सेंट्रल जेल और दुमका सेंट्रल जेल में ओपन और सेमी-ओपन बैरक के जरिए शुरू की जाएगी। इन चारों जेलों में बैरक और सेल की पहचान भी कर ली गई है, जिन्हें बदला जाएगा।

IG (जेल) सुदर्शन मंडल ने शनिवार को कहा, "ओपन या सेमी-ओपन बैरक सिस्टम के तहत, कैदियों को सुबह 6 या 7 बजे बाहर जाकर काम करने और अपने परिवार के लिए कमाने की इजाजत होगी और वे लगभग 12 घंटे बाद जेल लौटेंगे। चूंकि ये जेलें शहरी इलाकों में हैं, इसलिए कैदियों के पास रोज़ी-रोटी कमाने के अच्छे मौके होंगे।"

यह पहल राज्य की जेल सुधारों को मज़बूत करने और कैदियों को समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद करने की कोशिशों का हिस्सा है। इसे हाल ही में राज्य कैबिनेट ने एक सरकारी प्रस्ताव के ज़रिए मंज़ूरी दी थी।

प्रस्ताव में कहा गया है कि झारखंड जेल और सुधार सेवा अधिनियम, 2025 में ओपन सुधार संस्थान बनाने का प्रावधान है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फैसला
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के सुहास चकमा बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देश के बाद उठाया गया है। शीर्ष अदालत ने उन राज्यों से, जहां OCI (ओपन सुधार संस्थान) काम नहीं कर रहे हैं, ऐसे संस्थान बनाने की संभावना का आकलन करने को कहा था।

जहां अलग OCI बनाना संभव नहीं है, वहां राज्यों को मौजूदा जेलों के अंदर ही ओपन या सेमी-ओपन बैरक बनाने की सलाह दी गई है।

मंडल ने आगे कहा, "यह तय करने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जाएगा कि कौन से कैदी इस प्रोग्राम के लिए योग्य हैं। अच्छा व्यवहार और जेल के नियमों का पालन करना योग्यता के मुख्य आधार होंगे।"

 

2