साइबर अपराध पर पुलिस की नई पहल, 14 थानों में खुलीं साइबर डेस्क; नजदीकी थाने में ही मिलेगी मदद

जिले के सभी 14 थानों में शुरू हुई साइबर डेस्क अब साइबर अपराध की शिकायत के लिए जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं, नजदीकी थाने में ही मिलेगी पुलिस सहायता शहडोल   जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी से पीड़ित नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी 14 थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत की गई है। साइबर डेस्क के माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी थाने में ही साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज कराकर आवश्यक पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे। पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय अग्रवाल ने बुढार

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सितम्बर 8, 2026

जिले के सभी 14 थानों में शुरू हुई साइबर डेस्क

अब साइबर अपराध की शिकायत के लिए जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं, नजदीकी थाने में ही मिलेगी पुलिस सहायता

शहडोल 
 जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी से पीड़ित नागरिकों को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी 14 थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत की गई है। साइबर डेस्क के माध्यम से नागरिक अपने नजदीकी थाने में ही साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी से संबंधित शिकायत दर्ज कराकर आवश्यक पुलिस सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय अग्रवाल ने बुढार थाने में फीता काटकर साइबर डेस्क का शुभारंभ किया। इस पहल से साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के लिए नागरिकों को जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित थाना स्तर पर ही शिकायत प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

साइबर डेस्क के माध्यम से ऑनलाइन ठगी, साइबर धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से संबंधित अपराध एवं अन्य साइबर अपराधों की शिकायतों पर प्राथमिक स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इससे साइबर अपराधों की सूचना पुलिस तक शीघ्र पहुंचने के साथ ही पीड़ितों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पुलिस विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं और तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। साथ ही ऑनलाइन लेन-देन करते समय सतर्कता बरतें और किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें।

जिले के सभी थानों में साइबर डेस्क की शुरुआत से साइबर अपराधों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई को थाना स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाने तथा आमजन को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।