कक्षा 1 में प्रवेश पर उम्र की नई सीमा लागू, 6 साल से छोटे बच्चों का दाखिला अब बंद

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक दूरगामी बदलाव करते हुए पहली कक्षा (Class 1) में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में प्रवेश पाने के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष पूरी होना अनिवार्य होगी।   यह निर्णय 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों और 'पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट' के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब 5.5 साल के बच्चों को पहली कक्षा

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Published On :

जनवरी 18, 2026

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चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में एक दूरगामी बदलाव करते हुए पहली कक्षा (Class 1) में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा को लेकर नए आदेश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली कक्षा में प्रवेश पाने के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष पूरी होना अनिवार्य होगी।
 
यह निर्णय 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति' (NEP 2020) के प्रावधानों और 'पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट' के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। इस नए नियम के लागू होने के बाद अब 5.5 साल के बच्चों को पहली कक्षा में दाखिला नहीं मिल सकेगा।

क्यों बदला गया आयु का नियम?
अब तक हरियाणा शिक्षा नियमावली 2011 के तहत, 5 साल 6 महीने की उम्र वाले बच्चों को भी पहली कक्षा में प्रवेश की अनुमति मिल जाती थी। हालांकि, केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने लंबे समय से सभी राज्यों को इसे 6 वर्ष करने का निर्देश दिया था।

मानसिक और शारीरिक परिपक्वता: विशेषज्ञों का मानना है कि 6 वर्ष की आयु में बच्चा औपचारिक स्कूली शिक्षा के दबाव और पाठ्यक्रम को समझने के लिए मानसिक रूप से अधिक तैयार होता है।

NEP 2020 का ढांचा: नई शिक्षा नीति का '5+3+3+4' मॉडल बुनियादी स्तर के पहले 3 साल प्री-स्कूल (आंगनवाड़ी/बालवाटिका) और अगले 2 साल कक्षा 1 व 2 के लिए निर्धारित करता है।

कानूनी स्पष्टता: हाई कोर्ट ने 'दिविशा यादव बनाम हरियाणा राज्य' मामले में स्पष्ट किया था कि राज्य के नियम केंद्रीय कानून के अनुरूप होने चाहिए ताकि दाखिले के समय कोई भ्रम न रहे।

अभिभावकों के लिए क्या बदलेगा?
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन अभिभावकों पर पड़ेगा जो अपने बच्चों का जल्दी स्कूल में दाखिला कराना चाहते थे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:

बालवाटिका का विकल्प: जो बच्चे आयु सीमा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें बालवाटिका कक्षाओं में भेजा जाएगा।

peer group का लाभ: एक ही उम्र के बच्चों के साथ पढ़ने से छात्रों पर अनावश्यक प्रतिस्पर्धा का दबाव कम होगा।

कोई छूट नहीं: 2026-27 सत्र से उम्र के नियमों में दी जाने वाली सभी प्रकार की रियायतें आधिकारिक रूप से समाप्त कर दी जाएंगी।

प्रशासन की तैयारी
हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्राइवेट स्कूलों को पत्र लिखकर इस नियम का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश नोटिस में इस बदलाव को प्रमुखता से दर्शाएं ताकि अभिभावक समय रहते अपने बच्चों के दाखिले की योजना बना सकें।

 

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