Smit Machchhar : स्मित मच्छार की बहादुरी से प्रभावित नेतन्याहू, मोदी के साथ दिया खास निमंत्रण

Smit Machchhar : इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर विशेष बातचीत की है। हाल ही में कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बड़ी आपदा को टाल दिया था, जिसकी गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कॉकपिट के भीतर घटी उस भयानक घटना के दौरान उनके बेजोड़ संयम, बहादुरी और पेशेवर कौशल की खुलकर तारीफ की है। उड़ान के दौरान हुआ था हमला यह पूरी साहसिक घटना 30 सितंबर को घटी, जब दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई फ्लाईदुबई

Smit Machchhar

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

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Smit Machchhar : इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से फोन पर विशेष बातचीत की है। हाल ही में कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बड़ी आपदा को टाल दिया था, जिसकी गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कॉकपिट के भीतर घटी उस भयानक घटना के दौरान उनके बेजोड़ संयम, बहादुरी और पेशेवर कौशल की खुलकर तारीफ की है।

उड़ान के दौरान हुआ था हमला

यह पूरी साहसिक घटना 30 सितंबर को घटी, जब दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या FZ1073 हवा में थी। उड़ान के दौरान ओमान के एक को-पायलट ने अचानक कॉकपिट में ही कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित और गंभीर हमले के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अपना मानसिक संतुलन नहीं खोया और अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए पायलट को आमंत्रण

इस वीरतापूर्ण कार्य से प्रभावित होकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय पायलट और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बहुत बड़ा सम्मान दिया है। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इज़रायल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कैप्टन मच्छार को भारत, इज़रायल और पूरी दुनिया का सच्चा हीरो बताया है।

कॉकपिट के अंदर की खौफनाक दास्तान

फोन पर हुई बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उड़ान बिल्कुल सामान्य रूप से चल रही थी और को-पायलट ने नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी, जो कि विमानन क्षेत्र में कोई असामान्य बात नहीं है। जब वह नमाज पढ़ रहा था, तो सम्मान के तौर पर कैप्टन सामने की तरफ देख रहे थे, तभी अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर बहुत जोरदार प्रहार हुआ।

हमले के बाद नीचे आ गया था विमान

कैप्टन मच्छार ने बताया कि शुरुआती झटकों के बाद उन्हें एहसास हुआ कि यह हमला विमान की किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि उनके साथ कॉकपिट में मौजूद दूसरे व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है। इस अचानक हुए हमले के कारण विमान तेज़ी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा। हाईजैकिंग का आधिकारिक डिस्ट्रेस सिग्नल भेजे जाने से ठीक पहले, विमान महज दो मिनट के भीतर लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया था, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया था।

गंभीर हालात के बीच बचाई सैकड़ों यात्रियों की जान

हमले के बारे में विस्तार से बताते हुए कैप्टन मच्छार ने कहा कि उन्होंने हमलावर को रोकने का पूरा प्रयास किया, लेकिन शुरुआती प्रहारों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनकी आंखें चौंधिया गईं और नजर पूरी तरह धुंधली हो गई। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और विकट परिस्थितियों का सामना करते हुए अंततः विमान पर नियंत्रण पा लिया। उनकी इस अदम्य बहादुरी के कारण ही सैकड़ों निर्दोष यात्रियों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।